अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले को समानता, विकास और शांति के एक नए युग की शुरुआत के तौर पर देखा जाना चाहिए: भाजपा विधायक
जम्मू, 05 अगस्त (हि.स.)।
जम्मू ईस्ट सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक युद्धवीर सेठी ने बुधवार को विपक्षी पार्टियों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 5 अगस्त को काला दिवस के तौर पर मनाने के बजाय अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले को जम्मू-कश्मीर में समानता, विकास और शांति के एक नए युग की शुरुआत के तौर पर देखा जाना चाहिए।
कच्ची छावनी स्थित बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए युद्धवीर सेठी ने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर बधाई दी और कहा कि इस दिन को शोक मनाने के बजाय एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के तौर पर मनाया जाना चाहिए। युद्धवीर सेठी के साथ बीजेपी जम्मू जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता, उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता, महासचिव सुनीत रैना, जम्मू जिले के पूर्व अध्यक्ष रवि कांत, प्रमोद कपाही व अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
5 अगस्त 2019 को किए गए संवैधानिक बदलावों की विपक्ष द्वारा आलोचना पर सवाल उठाते हुए सेठी ने पूछा कि जिन सात दशकों तक अनुच्छेद 370 लागू रहा उस दौरान जम्मू-कश्मीर के लोगों को क्या ठोस फायदे मिले। उन्होंने कहा कि अगर जो लोग आज के दिन को 'काला दिवस' कह रहे हैं वे उन 70 सालों में जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए तीन बड़ी उपलब्धियां भी गिना सकें तो हम उनके योगदान को मान लेंगे।
आर्टिकल 370 हटने के बाद आए बदलावों का ज़िक्र करते हुए सेठी ने कहा कि कई ऐसे समुदाय जिन्हें दशकों से बराबरी के अधिकार नहीं मिले थे उन्हें आखिरकार न्याय मिला है। उन्होंने वाल्मीकि समुदाय और शरणार्थी परिवारों का ज़िक्र करते हुए कहा कि स्पेशल स्टेटस खत्म होने के बाद उन्हें वोट देने के अधिकार समेत कई संवैधानिक अधिकार मिले।
बीजेपी नेता ने पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती की ओर से आर्टिकल 370 को फिर से लागू करने की मांग पर भी उनकी आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुरानी संवैधानिक व्यवस्था को वापस लाने से अलगाववादी ताकतों को बढ़ावा मिलेगा और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फिर से पनपेगा। जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज़्बुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित संगठनों का ज़िक्र करते हुए सेठी ने आरोप लगाया कि आर्टिकल 370 हटने से अलगाववाद और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई मज़बूत हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तारीफ़ करते हुए सेठी ने कहा कि उनके नेतृत्व ने जम्मू-कश्मीर में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा दिया है और साथ ही यह सुनिश्चित किया है कि केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं का फ़ायदा समाज के हर वर्ग तक पहुँचे।
उन्होंने हाल के राजनीतिक कार्यक्रमों में जम्मू-कश्मीर के पुराने राज्य के झंडे को दिखाए जाने के लिए विपक्षी नेताओं की आलोचना की और कहा कि ऐसी हरकतों से गलत संदेश जाता है और राष्ट्रीय एकता की भावना का अपमान होता है। महिलाओं के अधिकारों पर बात करते हुए सेठी ने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने से उन भेदभावपूर्ण प्रावधानों का अंत हो गया जिनसे जम्मू-कश्मीर की वे महिलाएं प्रभावित होती थीं जिन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के बाहर शादी की थी। उन्होंने विपक्षी नेताओं से पूछा कि क्या वे चाहते हैं कि ऐसे प्रावधान फिर से लागू हों।
बीजेपी विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने अलगाववादी नेताओं को सुरक्षा देने पर जनता का बहुत सारा पैसा खर्च किया जबकि विकास की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि अब उस पैसे का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे, सड़कों और जन कल्याण के कामों में किया जा रहा है।
सेठी ने क्षेत्रीय राजनीतिक दलों पर परिवारवाद को बढ़ावा देने और जम्मू-कश्मीर को अपनी निजी राजनीतिक जागीर समझने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को हुए संवैधानिक बदलावों ने इस तरह की राजनीति को खत्म कर दिया है क्योंकि अब केंद्र शासित प्रदेश में भारतीय संविधान और संसदीय कानूनों को पूरी तरह से लागू किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह