25 हजार सरकारी नौकरियों की आउटसोर्सिंग पर भाजपा का हमला, भर्ती घोटाले का लगाया आरोप, सीबीआई जांच की मांग
जम्मू, 30 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ताओं डॉ. अभिजीत जसरोटिया, जोरावर सिंह जमवाल और डॉ. हरि दत्त शिशु ने जम्मू-कश्मीर की नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) सरकार पर 25 हजार सरकारी नौकरियों की कथित आउटसोर्सिंग को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने युवाओं को नियमित सरकारी रोजगार देने के बजाय ठेकेदारों के माध्यम से पिछले दरवाजे से नियुक्तियां कर एक अभूतपूर्व भर्ती घोटाले को अंजाम दिया है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनावी घोषणा पत्र में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा करने वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार अब पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाने के बजाय आउटसोर्सिंग के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों के अवसर छीन रही है। उनका आरोप था कि इन नियुक्तियों में धन के लेन-देन और राजनीतिक सिफारिशों को बढ़ावा दिया गया है तथा जम्मू-कश्मीर सेवा चयन भर्ती बोर्ड (एसएसआरबी) के माध्यम से खुली एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को दरकिनार किया गया है।
डॉ. अभिजीत जसरोटिया ने आरोप लगाया कि यह एनसी-कांग्रेस गठबंधन की पुरानी कार्यशैली का ही विस्तार है। उन्होंने कहा कि पहले भी पिछली सरकारों में पिछले दरवाजे से नियुक्तियों के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद के कठिन दौर में घाटी में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों के साथ अन्याय हुआ जबकि वर्षों विदेश में रहने के बाद लौटे कुछ लोगों को सरकारी नौकरियों का लाभ दिया जा रहा है। जोरावर सिंह जमवाल ने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर के इतिहास का सबसे बड़ा कथित भर्ती घोटाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने एसएसआरबी के माध्यम से नियमित भर्ती निकालने के बजाय 25 हजार सरकारी नौकरियों को आउटसोर्सिंग के जरिए ठेकेदारों को सौंप दिया। उनके अनुसार सरकारी नौकरियों की आउटसोर्सिंग संस्थागत भ्रष्टाचार का उदाहरण है और इससे प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।
डॉ. हरि दत्त शिशु ने कहा कि जहां एक ओर अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा पर मेहनत की कमाई खर्च कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर कथित रूप से राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों को प्राथमिकता देकर योग्य युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो भाजपा कार्यकर्ता युवाओं के अधिकारों और रोजगार के लिए सड़कों पर उतरेंगे। भाजपा प्रवक्ताओं ने सरकार से आउटसोर्सिंग नीति को तत्काल वापस लेने, पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने तथा अब तक की गई सभी नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियां केवल योग्यता, क्षमता और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के आधार पर दी जानी चाहिए। साथ ही सरकार से आग्रह किया कि युवाओं से रोजगार के अवसर छीनने के बजाय नियमित और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा