डोगरा विरासत के अनमोल रत्न हैं बसोहली और बिलावर-डॉ. अभिजीत जसरोटिया
कठुआ, 17 अक्टूबर (हि.स.)। भाजपा प्रवक्ता डॉ. अभिजीत जसरोटिया ने कहा कि बसोहली और बिलावर डोगरा सभ्यता की समृद्ध ऐतिहासिक, कलात्मक और धार्मिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इन क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर सामने लाने और इनके संरक्षण की आवश्यकता है।
डॉ. जसरोटिया ने कहा कि बसोहली की विश्वप्रसिद्ध लघु चित्रकला, पारंपरिक पश्मीना शिल्प और बिलावर का ऐतिहासिक महाबिल्वकेश्वर मंदिर क्षेत्र की गौरवशाली विरासत को दर्शाते हैं। इन परंपराओं ने जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक पहचान को विशिष्ट स्थान दिलाया है। उन्होंने कहा कि बसोहली-बिलावर क्षेत्र का इतिहास केवल राजघरानों और राजनीतिक घटनाओं तक सीमित नहीं है बल्कि यहां की लोककला, डोगरी भाषा, लोकगीत, धार्मिक परंपराएं और स्थानीय शिल्प भी डोगरा संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर हैं।
डॉ. जसरोटिया ने सुझाव दिया कि ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण, पारंपरिक कलाओं को प्रोत्साहन, युवा कलाकारों को प्रशिक्षण और पर्यटन सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने बसोहली और बिलावर को जोड़कर एक समेकित विरासत पर्यटन सर्किट विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया ताकि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया