विश्व रंगमंच दिवस पर बलवंत ठाकुर सम्मानित

 




जम्मू, 26 मार्च (हि.स.)। विश्व रंगमंच दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर पंजाब के सांस्कृतिक शहर अमृतसर में आयोजित 26वें नेशनल थिएटर फेस्टिवल के दौरान प्रसिद्ध रंग निर्देशक और नाटककार बलवंत ठाकुर को सम्मानित किया गया। विरसा विहार में आयोजित इस समारोह में उन्हें वरिष्ठ रंगकर्मी केवल ढालीवाल द्वारा सम्मान प्रदान किया गया जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई। यह सम्मान समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि रंगमंच की विरासत, संघर्ष और उसके प्रभाव का उत्सव बन गया। इस अवसर पर 25 वर्ष पुरानी यादें भी ताजा हुईं जब इसी प्रतिष्ठित फेस्टिवल का उद्घाटन बलवंत ठाकुर द्वारा निर्देशित डोगरी नाटक ‘महाभोज’ से हुआ था। उद्घाटन से लेकर सम्मान तक का यह सफर भारतीय रंगमंच के विकास की कहानी को भी दर्शाता है।

बलवंत ठाकुर का रंगमंचीय सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने देश-विदेश में 7,500 से अधिक प्रस्तुतियां दी हैं और भारतीय रंगमंच को वैश्विक पहचान दिलाई है। उनकी कला में स्थानीय संस्कृति की जड़ें भी गहराई से जुड़ी रही हैं जिसने उन्हें एक अलग पहचान दी। पिछले 45 वर्षों में उन्होंने 50,000 से अधिक कलाकारों को प्रशिक्षण देकर रंगमंच को नई पीढ़ी दी है। उनके शिष्य आज देश के विभिन्न हिस्सों में कला के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने ‘नटरंग’ संस्था की स्थापना कर जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है। उनकी यह उपलब्धि उन्हें केवल एक कलाकार ही नहीं बल्कि एक संस्थान निर्माता भी बनाती है। विश्व रंगमंच दिवस पर मिला यह सम्मान न केवल बलवंत ठाकुर की उपलब्धियों का प्रतीक है बल्कि उन सभी कलाकारों को समर्पित है जो रंगमंच जैसी जीवंत कला को जीवित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा