बाबू सिंह का केंद्र पर तीखा हमला, बोले जम्मू-कश्मीर की पहचान और लोकतंत्र पर हुआ प्रहार
कठुआ, 25 अक्टूबर (हि.स.)। पूर्व मंत्री बाबू सिंह की ओर से कठुआ में ऑल पार्टी बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को आमंत्रित कर देश और जम्मू-कश्मीर के मौजूदा राजनीतिक हालात, लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में नेताओं ने अपने-अपने विचार रखते हुए केंद्र सरकार की नीतियों, चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूचियों से वोट काटे जाने की शिकायतों और बढ़ती बेरोजगारी जैसे विषयों पर चिंता व्यक्त की।
बैठक के दौरान पूर्व मंत्री बाबू सिंह ने जम्मू-कश्मीर की पहचान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमारी पहचान खत्म कर दी गई है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने इन विषयों को जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक अधिकारों और संवैधानिक व्यवस्था से जोड़ते हुए चर्चा की। बैठक में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई घटना का जिक्र करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध दर्ज कराने की स्वतंत्रता को लेकर भी सवाल उठाए गए। नेताओं ने चुनाव आयोग के समक्ष मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई। इसके अलावा बेरोजगारी, युवाओं के भविष्य और केंद्र सरकार की नई नीतियों को लेकर भी विचार साझा किए गए। ऑल पार्टी बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को एक मंच पर लाकर मौजूदा परिस्थितियों पर संवाद करना और जम्मू-कश्मीर की पहचान, लोकतांत्रिक अधिकारों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर साझा चर्चा को आगे बढ़ाना रहा। बैठक में उठाए गए मुद्दों ने राजनीतिक दलों के बीच संवाद और इन सवालों पर जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया