विधानसभा सत्र के प्रारंभ में भाजपा के विधायकों ने कर्मचारियों, बिजली उपभोक्ताओं और दिहाड़ी मजदूरों से संबंधित मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करते हुए रखी कई मांगें

 

श्रीनगर, 21 सितंबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के शरदकालीन सत्र के प्रारंभ में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने कर्मचारियों, बिजली उपभोक्ताओं और दिहाड़ी मजदूरों से संबंधित मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करते हुए कई मांगें रखीं।

समीक्षा सत्र के आरंभिक चरण में भाजपा सदस्यों ने एनएचएम कर्मचारियों के लिए न्याय, बिजली शुल्क में वृद्धि की वापसी और दिहाड़ी मजदूरों के नियमितीकरण सहित अपनी मांगों को दर्शाने वाले पोस्टर लहराए। पोस्टर और नारों के माध्यम से विधायकों ने एनएचएम कर्मियों के लंबित मामलों में सरकारी हस्तक्षेप की मांग की और दिहाड़ी मजदूरों की शिकायतों के निवारण के लिए उपाय सुझाए।

भाजपा सदस्यों ने मौजूदा बिजली शुल्क संरचना पर भी आपत्ति जताई और वृद्धि को वापस लेने की मांग की जिससे यह मुद्दा सत्र की प्रारंभिक कार्यवाही के दौरान पार्टी द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों में से एक बन गया। ये प्रदर्शन भाजपा की विधानसभा सत्र के दौरान रोजगार संबंधी चिंताओं, आउटसोर्सिंग, बिजली शुल्क और अन्य सार्वजनिक मुद्दों को उठाने की घोषित योजनाओं के बीच हुए।

अध्यक्ष ने कार्यवाही के दौरान हस्तक्षेप करते हुए निर्देश दिया कि विरोध प्रदर्शन से संबंधित मामले को न तो आधिकारिक कार्यवाही का हिस्सा बनाया जाए और न ही इसकी रिपोर्टिंग की जाए। शरदकालीन सत्र में शासन, रोजगार, सार्वजनिक सेवाओं और जम्मू-कश्मीर के लोगों को प्रभावित करने वाले विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता