भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सद्भावना' के तहत किश्तवाड़ में मेगा मेडिकल कैंप का किया आयोजन

 


किश्तवाड़, 01 नवंबर (हि.स.)। भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सद्भावना' के तहत आज किश्तवाड़ के एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड में दो दिवसीय मेगा मेडिकल कैंप के पहले दिन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कैंप को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली जिसमें किश्तवाड़ और आसपास के दूर-दराज के इलाकों से लगभग 3106 लोगों ने लाभ उठाया। इनमें महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजन शामिल थे।

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की और दूर-दराज के समुदायों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए भारतीय सेना के प्रयासों की सराहना की। विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम जिसमें फिजिशियन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेफ्रोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट, ईएनटी विशेषज्ञ और दंत चिकित्सक शामिल थे, ने लोगों को मुफ्त परामर्श दिया, उनकी जांच की और दवाइयां उपलब्ध कराईं। इसके अलावा, ब्लड टेस्ट , हीमोग्लोबिन और रैंडम ब्लड शुगर जैसी जांच सुविधाएं भी पूरी तरह से मुफ्त दीं। डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने में मदद के लिए 'आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट' रजिस्ट्रेशन की विशेष सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और समाज के कमजोर वर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया।

चिकित्सा जांच के बाद जरूरतमंद लोगों को व्हीलचेयर, बैसाखी, वॉकर, छड़ी और सुनने की मशीन (हियरिंग एड) जैसे सहायक उपकरण बांटे गए। 'वीर नारियों' और पूर्व सैनिकों के लिए अलग से स्टॉल लगाए गए जहां उन्हें पेंशन, जरूरी दस्तावेजों, कल्याणकारी योजनाओं और शिकायतों के समाधान में मदद दी गई। युवाओं के लिए एक अलग स्टॉल था जहां उन्हें 'अग्निवीर' भर्ती, पात्रता शर्तों, चयन प्रक्रिया और रक्षा बलों में करियर के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई।

जम्मू-कश्मीर बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कृषि, पशुपालन और स्वास्थ्य विभागों के अधिकारियों ने बैंकिंग सेवाओं, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, खेती-बाड़ी, बागवानी, पशुपालन और आजीविका के अवसरों के बारे में मार्गदर्शन दिया जिससे समुदाय के व्यापक कल्याण को सुनिश्चित किया जा सके।

यह पहल 'ऑपरेशन सद्भावना' के तहत मानवीय सहायता, सुलभ स्वास्थ्य सेवा और सामुदायिक कल्याण के प्रति भारतीय सेना की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराती है। यह शिविर दूर-दराज के समुदायों तक आवश्यक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाकर नागरिक-सैन्य संबंधों को मजबूत करता है साथ ही भारतीय सेना और स्थानीय आबादी के बीच आपसी विश्वास, सद्भावना और सहयोग को बढ़ावा देता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह