लंबित मांगों को लेकर आंगनवाड़ी वर्कर्स का रोष मार्च, सरकार के खिलाफ बुलंद की आवाज

 


कठुआ, 17 अगस्त (हि.स.)। लंबित मांगों को लेकर आंगनवाड़ी वर्कर्स ने सोमवार को भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले जिला सचिवालय के समीप रोष मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वर्कर्स ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांगों को शीघ्र पूरा करने की आवाज बुलंद की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष उठाते आ रहे हैं लेकिन अब तक इन पर गंभीरता से गौर नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स से विभागीय कार्यों के अलावा विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने सहित अन्य जिम्मेदारियां भी ली जाती हैं। कई बार उन्हें दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में भी अपने खर्च पर पहुंचना पड़ता है।

वर्कर्स ने कहा कि उन्हें वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान महंगाई के दौर में महज 5 हजार रुपये मासिक मानदेय में परिवार चलाना बेहद मुश्किल है। उन्होंने सरकार से अन्य राज्यों की तर्ज पर उचित वेतन देने और केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाले मानदेय के साथ जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से भी अपना हिस्सा बढ़ाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे ऑनलाइन और विभागीय कार्यों के लिए पुराने मोबाइल फोन दिए गए हैं जबकि सिम और रिचार्ज की उचित व्यवस्था नहीं की गई है।

इसके अलावा प्रमोशन ट्रैकर जैसे कार्यों का जिम्मा भी उन्हें सौंपा गया है। गौरतलब हो कि भारतीय मजदूर संघ की ओर से 17 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के 19 जिलों में जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम रखा गया था। इसी क्रम में कठुआ में आंगनवाड़ी वर्कर्स ने जिला प्रशासन के माध्यम से अपनी लंबित मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने और वर्षों से सेवाएं दे रहे आंगनवाड़ी वर्कर्स के हित में ठोस कदम उठाने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया