अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षाबल ऑपरेशन के लिए हमेशा पूरी तरह तैयार रहें : आईजीपी
श्रीनगर, 19 जून (हि.स.)। सालाना अमरनाथ यात्रा से पहले कश्मीर पुलिस प्रमुख वीके बिरदी ने शुक्रवार को फोर्स को सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए अलर्ट रहने और ऑपरेशनल तैयारी का उच्च स्तर बनाए रखने का निर्देश दिया। बिरदी ने शुक्रवार को ज़ोनल अधिकारियों और सेक्टर अधिकारियों को यात्रा के रास्तों पर तालमेल और ऑपरेशनल तैयारी की समीक्षा करने के लिए ब्रीफिंग दी।
ब्रीफिंग के दौरान आईजीपी कश्मीर ने यात्रा के सुरक्षित, सुचारू और सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रोफेशनलिज़्म, सतर्कता और जनसेवा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के महत्व पर ज़ोर दिया। अधिकारियों को सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहने और स्थापित सुरक्षा ग्रिड को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया गया। बिरदी ने ज़ोनल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीन सेक्टर अधिकारियों और जवानों की नियमित ब्रीफिंग करें, ताकि सभी कर्मी अपने कर्तव्यों, ज़िम्मेदारियों और मौजूदा सुरक्षा हालात से पूरी तरह वाकिफ़ रहें।
प्रवक्ता ने बताया कि अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे अपनी ज़िम्मेदारी वाले इलाकों में काम कर रही सहयोगी एजेंसियों के साथ करीबी तालमेल बनाए रखें, ताकि यात्रा के दौरान जानकारी का निर्बाध आदान-प्रदान, संयुक्त प्रतिक्रिया तंत्र और समन्वित ऑपरेशनल प्रयास सुनिश्चित किए जा सकें। जनसेवा के महत्व को रेखांकित करते हुए आईजीपी कश्मीर ने सभी अधिकारियों और कर्मियों से श्रद्धालुओं को हर संभव सहायता प्रदान करने और उनकी सुरक्षा, सुविधा और भलाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
बिरदी ने दोहराया कि कर्तव्यों का पालन करते हुए लोगों के अनुकूल रवैया अपनाया जाना चाहिए। आईजीपी ने तैनाती के सभी स्तरों पर लगातार निगरानी और प्रभावी कम्युनिकेशन की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। आईजीपी कश्मीर ने सख्त अनुशासन, प्रोफेशनलिज़्म और स्थापित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन करने के महत्व पर भी ज़ोर दिया और सभी रैंक के अधिकारियों-कर्मियों से अलर्ट रहने ऑपरेशनल तैयारी का उच्च स्तर बनाए रखने और बेहतरीन आचरण के माध्यम से फोर्स की प्रतिष्ठा बनाए रखने का आग्रह किया।
प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में तालमेल के तरीकों और यात्रा को शांतिपूर्ण और बिना किसी घटना के संपन्न कराने के लिए आपातकालीन उपायों की विस्तृत समीक्षा के साथ समापन हुआ। यह तीर्थयात्रा 3 जुलाई को दो रास्तों अनंतनाग में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल में 14 किलोमीटर छोटे लेकिन खड़ी चढ़ाई वाले बालटाल मार्ग से शुरू होगी और 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता