बरनोटी में मनरेगा कार्यों को लेकर लगे आरोप निराधार-बीडीओ
कठुआ, 04 फरवरी (हि.स.)। ब्लॉक बरनोटी में मनरेगा कार्यों में कथित फर्जी हाजिरी और फोटो को लेकर प्रकाशित समाचारों को लेकर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बरनोटी ने स्पष्टीकरण जारी किया है। बीडीओ ने स्पष्ट किया है कि संबंधित मनरेगा कार्यों में किसी भी प्रकार का फर्जी भुगतान नहीं किया गया है।
उन्होंने बताया कि कार्यस्थल की फोटो अपलोड करना केवल प्रारंभिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जबकि मजदूरी भुगतान से पहले हाजिरी सत्यापन, मस्टर रोल की जांच और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं। समाचार में पंचायत बौड़ा और माही चक से संबंधित जो तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं, वे आधिकारिक मस्टर रोल और एमआईएस रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। बीडीओ के अनुसार, कुछ मामलों में कार्यस्थल पर अतिरिक्त व्यक्ति की मौजूदगी का अर्थ हाजिरी नहीं होता और जिनका नाम मस्टर रोल में दर्ज नहीं है, उन्हें किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि ब्लॉक और जिला स्तर पर मनरेगा मॉनिटरिंग सेल सक्रिय है तथा सभी भुगतान आधार आधारित डीबीटी के माध्यम से किए जा रहे हैं। बीडीओ ने कहा कि तकनीकी प्रक्रिया की अधूरी समझ के कारण इस तरह की खबरें प्रकाशित हो रही हैं, जिससे मजदूरों में भ्रम फैल रहा है और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया