सोपोर में एग्रीकल्चर ग्रेजुएट्स का विरोध-प्रदर्शन

 


सोपोर, 23 सितंबर (हि.स.)।

शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ़ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी-कश्मीर (एसकेयूएएसटी) वादुरा से जुड़े बेरोज़गार एग्रीकल्चर ग्रेजुएट्स ने बुधवार को लगातार तीसरे दिन अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखा। वे जम्मू-कश्मीर में भर्ती प्रक्रिया में सुधार और रोज़गार के लिए एक स्पष्ट रोडमैप की मांग कर रहे थे।

प्रदर्शनकारियों ने 2017 के एसआरओ-442 की समीक्षा की मांग की जिसने जूनियर एग्रीकल्चर एक्सटेंशन ऑफिसर के पदों के लिए भर्ती के ढांचे को बदल दिया था। ग्रेजुएट्स ने सीधी भर्ती के मौकों को बहाल करने, खाली पदों की पहचान करके उन्हें भरने, समय पर भर्ती की सूचनाएं जारी करने और एग्रीकल्चर प्रोफेशनल्स के लिए भर्ती का एक निश्चित कैलेंडर बनाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों में से एक आदिल वानी ने कहा कि हमने प्रोफेशनल डिग्री हासिल करने में कई साल बिताए हैं लेकिन अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद हमारे अपने क्षेत्र में ही बहुत कम मौके हैं। हम चाहते हैं कि सरकार भर्ती प्रक्रिया के ढांचे की समीक्षा करे। एक अन्य प्रदर्शनकारी, ज़ोबिया खानुम ने कहा कि नियमित भर्ती न होने के कारण एग्रीकल्चर ग्रेजुएट्स अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर सरकार से अपील की कि वे मामले में दखल दें और उनके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शुरू करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह