एसीबी ने कुपवाड़ा के करनाह में 5.57 करोड़ रुपये के अनाज गबन मामले में 14 लोगों पर केस दर्ज किया

 

श्रीनगर, 06 जुलाई (हि.स.)।

एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी ) ने सोमवार को कहा कि उसने कुपवाड़ा जिले के करनाह इलाके में 5.57 करोड़ रुपये के सरकारी अनाज के कथित गबन के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के पांच अधिकारियों और नौ उचित मूल्य की दुकान डीलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

जारी एक बयान में एक प्रवक्ता ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी यानी जे एंड के केंद्र शासित प्रदेश के जनरल प्रशासनिक विभाग से पूर्व मंजूरी मिलने के बाद एसीबी पुलिस स्टेशन बारामूला में एफआईआर नंबर 02/2026 दर्ज की गई है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 13(1)(ए) और 13(2), और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2) और 316(5) के तहत दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह मामला खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग, कश्मीर के निदेशक से मिली जानकारी के आधार पर दर्ज किया गया है। विभागीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन में सरकारी अनाज की भारी कमी पाए जाने के बाद अधिकारियों और डीलरों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई थी। सरकारी बिक्री केंद्रों और उचित मूल्य की दुकानों पर की गई संयुक्त औचक जांच में शुरू में लोंथा गोदाम, करनाह कुपवाड़ा में 4,175.89 क्विंटल चावल की कमी का पता चला था।

प्रवक्ता ने कहा कि इसके बाद विभागीय उप-समिति द्वारा व्यापक भौतिक सत्यापन और एसीबी द्वारा विस्तृत जांच में कुपवाड़ा जिले के तंगधार, करनाह ए और करनाह-बी सर्कल के तहत आने वाले विभिन्न बिक्री केंद्रों और उचित मूल्य की दुकानों पर भारी कमी का पता चला। इससे सरकारी खजाने को 5,57,18,657.25 रुपये (लगभग 5.57 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ। यह एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी जिसमें लोक सेवक और निजी लाभार्थी शामिल थे जिन्होंने गैर-कानूनी आर्थिक लाभ के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए उन्हें सौंपे गए सरकारी अनाज का बेईमानी से गबन किया और सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि जांच-पड़ताल के दौरान मिली जानकारी के आधार पर एसीबी ने आरोपी सरकारी कर्मचारियों और डीलरों के खिलाफ आपराधिक कदाचार, आपराधिक विश्वासघात, सरकारी अनाज का गबन और आपराधिक साजिश से जुड़े अपराधों के लिए मामला दर्ज किया है। इस मामले में उमर बशीर उर्फ राजा उमर (तत्कालीन असिस्टेंट स्टोरकीपर), आशिक हुसैन मीर (तत्कालीन असिस्टेंट स्टोरकीपर) के साथ-साथ बारह अन्य आरोपी शामिल हैं जिनमें सरकारी कर्मचारी और फेयर प्राइस शॉप डीलर भी हैं। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज होने के तुरंत बाद कई जगहों पर तलाशी ली जा रही है और कानून के मुताबिक आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह