विधानसभा सत्र के दौरान आज कुल 33 प्राइवेट मेंबर बिल पेश किए गए जिनमें से 7 बिल खारिज कर दिए
जम्मू, 30 मार्च (हि.स.)।
जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में इन दिनों विधानसभा सत्र जम्मू स्थित सिविल सचिवालय में चल रहा है। सत्र के दौरान आज कुल 33 प्राइवेट मेंबर बिल पेश किए गए जिनमें से 7 बिल खारिज कर दिए गए जबकि बाकी बिलों को चर्चा के लिए मंजूरी दे दी गई है। चर्चा के लिए स्वीकृत बिलों में शराबबंदी और डेली वेज कर्मचारियों को नियमित (पक्का) करने से जुड़े अहम प्रस्ताव भी शामिल हैं जिन पर अब विधानसभा में विस्तार से बहस होगी।
इस बीच कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि सरकार जनता की आवाज़ को गंभीरता से ले रही है और उसे आगे बढ़ाना उसकी जिम्मेदारी है। शराबबंदी के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे गलत चीजों के खिलाफ हैं और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “हमें अपने बच्चों को इन चीजों से दूर रखना है” और इस मुद्दे पर बहुमत मिलने की उम्मीद जताई।
जम्मू-कश्मीर में जारी विधानसभा सत्र के बीच कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। शराबबंदी बिल को लेकर उन्होंने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि वे नशे के खिलाफ हैं और समाज को इससे मुक्त करना बेहद जरूरी है।
स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने पर भी सतीश शर्मा ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में मैराथन का आयोजन हो रहा है जो जम्मू कश्मीर के लिए बड़ी बात है और आने वाले दिनों में आईपीएल और कई और गेम्स का भी आयोजन किया जाएगा।
वहीं बार एसोसिएशन का जिक्र करते हुए मजाकिया मूड में उन्होंने कहा कि “काला कोट अभी उतरा नहीं”। अपने कामकाज के तरीके पर सतीश शर्मा ने यह भी कहा, “मैं ऐसे काम कर रहा हूं जैसे आज मेरा आखिरी दिन हो”।
उनके इन बयानों से साफ है कि सरकार एक साथ सामाजिक सुधार, युवा विकास और संस्थागत संतुलन पर ध्यान देने की कोशिश कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता