हटली गांव में गुरुको मालाधर नरसिंह धाम मंदिर में होली पर्व पर तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेला का हुआ शुभारंभ
कठुआ, 03 मार्च (हि.स.)। कठुआ सचिवालय से 15 किलोमीटर की दूरी पर हटली गांव में हर वर्ष होली पर्व पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम को जारी रखते हुए मंगलवार को गुरुको मालाधर नरसिंह धाम हटली संस्था के महंत 108 महंत बृजमोहन दास और कमेटी के सदस्यों ने मेले का शुभारंभ किया।
हटली गांव में होली के पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है और इस पर्व पर 3 दिन तक मेले का आयोजन किया जाता है जोकि 03 मार्च से 05 मार्च तक तक चलेगा। मंगलवार को पहले दिन मंदिर परिसर के आसपास दुकानें सज गई है। विभिन्न प्रकार की दुकानों में मिठाई, श्रृंगार सामग्री, पकवान, होली के रंगों की दुकाने आदि विभिन्न प्रकार की दुकानें सज गई हैं वहीं स्थानीय लोग और आसपास के गांव के लोग मंदिर में माथा टेकने पहुंच रहे हैं और होली भी खेल रहे हैं। वही मंदिर कमेटी की ओर से तीनों दिन लंगर का भी आयोजन किया जाता है। 03 तारीख को छोटी होली के रूप में श्रद्धालुओं ने मंदिर में आकर माथा टेककर होली खेली और नरसिंह भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
वहीं महंत जी ने इस मेले के इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि कई वर्ष पहले हटली गांव के जंगलों में राजा गुलाब सिंह अपनी सेना के साथ शिकार खेलने आए हुए थे। उस दौरान उनको प्यास लगी और प्यास बुझाने के लिए जंगलों में पानी की तलाश करने लगे। तभी उन्होंने पहाड़ी के एक तरफ धुआं निकलता देखा और उस जगह पहुंचे। उन्होंने देखा कि एक ऋषि वहां पर अपनी भक्ति में लीन बैठे हुए हैं, तभी राजा गुलाब सिंह ने उन्हें कहा कि उन्हें प्यास लगी है, उन्होंने पानी पीना है। वहीं ऋषि ने अपना करमंडल उनकी और बढ़ाया, तभी राजा गुलाब सिंह ने कहा कि वह अकेले नहीं है, उनके साथ उनकी पूरी सेना और घोड़े भी हैं, इन सभी के लिए पानी चाहिए। तभी तपस्या पर बैठे ऋषि ने तपस्या वाली जगह पर चिमटा गाड़ दिया और वहां पर एक सरोवर ने रूप ले लिया। महंत जी ने बताया कि हटली गांव में पिछले कई सालों से पानी की किल्लत है। आसपास के सभी गांव में गर्मियों में सूखा पड़ जाता है, लेकिन यह तालाब कभी भी नहीं सूखता। तभी राजा गुलाब सिंह ने ऋषि की याद में एक मंदिर का निर्माण किया और तब से हर वर्ष होली पर्व पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। वही महंत ने जिला कठुआ वासियों को अपील की है कि होली के पर्व पर नरसिंह धाम में आए और नरसिंह धाम में माथा टेक कर अपनी मनोकामना पूरी करें। उन्होंने बताया कि इन 3 दिनों में श्रद्धालुओं के लिए लंगर का भी आयोजन किया जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया