केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में स्वामी विवेकानंद जयंती पर विशेष व्याख्यान का आयोजन

 


जम्मू, 16 जनवरी (हि.स.)। स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू (सीयूजे) के डीन स्टूडेंट वेलफेयर कार्यालय एवं स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज ने विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी (जम्मू शाखा) के सहयोग से ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह ऑडिटोरियम में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचारों को समकालीन चुनौतियों के संदर्भ में समझना और युवाओं को चरित्र निर्माण व निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. ऋतु बख्शी ने स्वागत भाषण देते हुए स्वामी विवेकानंद के जीवन, दर्शन और मूल्यों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात विवेकानंद केंद्र जम्मू शाखा के नगर प्रमुख अनुराग शर्मा ने “विवेकानंद केंद्र का कार्य और दृष्टि” विषय पर प्रस्तुति देते हुए स्वामी विवेकानंद के “प्रैक्टिकल वेदांत” को जीवन में उतारने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ‘मन निर्माण ही राष्ट्र निर्माण है’ और युवाओं की भूमिका संगठित सामाजिक सेवा के माध्यम से राष्ट्र को सशक्त बनाने में अहम है।

मुख्य वक्ता एसीबी जम्मू-कश्मीर के निदेशक शक्ति कुमार पाठक (आईपीएस) ने “स्वामी विवेकानंद का युवाओं के लिए संदेश: चुनौतियां और दायित्व” विषय पर प्रेरक संबोधन दिया। उन्होंने युवा शक्ति को भारत की आत्मा बताते हुए धर्म, राष्ट्र और अनुशासन के महत्व को रेखांकित किया। कुलपति प्रो. संजीव जैन ने विशेष टिप्पणी में जिज्ञासा, जिम्मेदारी और ‘मैन-मेकिंग’ की अवधारणा पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में विवेकानंद केंद्र के सह नगर प्रमुख डॉ. राकेश रैना ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसने उपस्थितजनों में स्वामी विवेकानंद के आदर्शों के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा