ज्ञान चरित्र और संस्कार से सशक्त बने राष्ट्र-गायत्री देवी
कठुआ, 14 अगस्त (हि.स.)। आर्य समाज मंदिर कठुआ में चल रही 28वीं अमृत कथा के द्वादश दिवस पर गायत्री देवी ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वैदिक चिंतन, नारी सम्मान और राष्ट्रचेतना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सच्ची स्वतंत्रता केवल बाहरी बंधनों से मुक्ति नहीं बल्कि अज्ञान, रूढ़ियों और असमानता से मुक्ति भी है। नारी शिक्षा, सम्मान और समाज में समान सहभागिता को आवश्यक बताते हुए उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती के सामाजिक सुधारों को स्मरण किया।
उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति नागरिकों के चरित्र, संस्कार, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति समर्पण में निहित है। कथा के दौरान प्रस्तुत भावपूर्ण भजन से वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। इस अवसर पर आर्य समाज के संरक्षक भारत भूषण, मास्टर ओम प्रकाश, ज्ञान सिंह पठानिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आर्य समाज प्रधान बिशन भारती ने बताया कि 15 अगस्त को मंदिर परिसर में तिरंगा फहराने के साथ 28वीं अमृत कथा का समापन होगा तथा ऋषि लंगर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से परिवार सहित कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया