जीएमसी अनंतनाग के 3 कर्मचारी लापरवाही के आरोप में निलंबित
अनंतनाग, 27 मार्च (हि.स.)। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अनंतनाग ने 26 मार्च को हुई एक घटना के बाद मरीजों की देखभाल में लापरवाही के मामले में तीन कर्मचारियों को जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में प्रभारी स्टोर कीपर, प्रभारी फार्मासिस्ट और सर्जरी वार्ड में तैनात एक स्टाफ नर्स शामिल हैं।
यह कार्रवाई तब की गई जब गंभीर आरोप सामने आए कि मरीजों को एक्सपायर्ड ग्लूकोज दिया गया था जिससे सुरक्षा मानकों को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।
एमएमएबीएम एसोसिएटेड अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अरशद हसन सिद्दीकी ने कहा कि विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और जल्द से जल्द जिम्मेदार लोगों का निर्धारण किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि संस्थान मरीजों की देखभाल और सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही के प्रति बिल्कुल भी सहनशील नहीं है। इस बीच मरीजों के परिचारकों ने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों को अंतःशिरा ग्लूकोज दिए जाने के तुरंत बाद प्रतिकूल प्रतिक्रियाएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि जाँच करने पर पता चला कि ग्लूकोज की बोतलें लगभग एक साल पहले ही एक्सपायर हो चुकी थीं। एक अटेंडेंट ने कहा कि यह घोर लापरवाही है और इससे कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
परिवार के सदस्यों ने आगे आरोप लगाया कि यह घटना चिकित्सा आपूर्ति की निगरानी और प्रबंधन में व्यापक प्रणालीगत विफलता को दर्शाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक्सपायर हो चुका स्टॉक वार्ड तक कैसे पहुँचा और खरीद एवं भंडारण तंत्र की गहन जाँच की मांग की। अटेंडेंटों ने अधिकारियों से सभी संबंधित कर्मियों के निलंबन सहित कड़ी कार्रवाई करने और दोषी पाए जाने पर आपूर्तिकर्ता को ब्लैकलिस्ट करने का आग्रह किया है। उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सरकारी अस्पतालों में दवाओं और उपभोग्य सामग्रियों की नियमित ऑडिट की भी मांग की।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता