कटरा और शिव खोरी में पर्यटकों की सवारी के लिए घोड़ों पर इस्तेमाल किए जाने वाले 140 नुकीले लगाम जब्त
जम्मू, 02 अक्टूबर (हि.स.)। पशुपालन विभाग (एएचडी) ने पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पीईटीए) इंडिया के सहयोग से कटरा और शिव खोरी में पर्यटकों को सवारी कराने और सामान ढोने में लगे घोड़ों को नियंत्रित करने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे 140 धातु के नुकीले लगाम जब्त किए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कीले या कांटेदार लगाम घोड़ों के संवेदनशील मसूड़ों और होंठों को दर्द पहुँचाने और चोट पहुँचाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए उपकरणों को चिकने, दर्द रहित लगामों से बदल दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि कटरा स्थित पशु चिकित्सालय में चलाए गए जागरूकता-सह-प्रवर्तन अभियान के दौरान यह कार्रवाई की गई।
जम्मू के पशुपालन निदेशक डॉ. युगल किशोर ने कहा कि घोड़ों, खच्चरों और अन्य भार ढोने वाले पशुओं पर नुकीले लगाम का प्रयोग, भार ढोने वाले पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण नियम 1965 के नियम 8 के तहत निषिद्ध है। किशोर ने कहा कि पर्यटन और उत्सव कभी भी किसी पशु के कल्याण की कीमत पर नहीं होने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान का उद्देश्य क्रूरता को रोकना और पशु कल्याण नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।
एक बयान में पीईटीए इंडिया की नीति सहयोगी चुमकी दत्ता ने कहा कि नुकीले लगाम का उपयोग घोड़ों को दर्द देकर नियंत्रित करने के लिए किया जाता है और इससे उनके होंठ और जीभ में चोट लग सकती है।
पीईटीए इंडिया के मशीनीकरण परियोजनाओं के वरिष्ठ प्रबंधक महेश त्यागी ने घोड़े के मालिकों और अधिकारियों से ऐसे उपकरणों का उपयोग बंद करने और मानवीय पशु प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देने का आग्रह किया। संगठन ने कहा कि वह कांटेदार लगाम पर प्रतिबंध लागू करवाने के लिए देशभर में अभियान चला रहा है और दावा किया कि कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस प्रतिबंध को लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।
इस संगठन ने पर्यटकों और पर्यटन संचालकों से घुड़सवारी और अन्य गतिविधियों के लिए घोड़ों के इस्तेमाल के बजाय मशीनीकृत परिवहन और अन्य विकल्पों को अपनाने का आग्रह किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता