100 नए सैनिक स्कूल भारत की रक्षा रीढ़ को मजबूत करेंगे: बलबीर
जम्मू, 24 मार्च (हि.स.)।
देश भर में 100 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना एक दूरदर्शी पहल है जो देश के युवाओं को सशक्त बनाते हुए भारत की रक्षा तैयारियों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी। भाजपा प्रवक्ता और पूर्व उपाध्यक्ष बलबीर राम रतन ने कहा कि सैनिक स्कूल लंबे समय से भारत में रक्षा-उन्मुख शिक्षा की रीढ़ रहे हैं जो अनुशासित, आत्मविश्वासी और प्रेरित युवाओं का पोषण करते हैं।
उन्होंने कहा कि इन संस्थानों के विस्तार से सशस्त्र बलों में शामिल होने के इच्छुक छात्रों का एक बड़ा और अधिक सक्षम समूह तैयार होगा जिससे देश की रक्षा आपूर्ति मजबूत होगी। इन संस्थानों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और अन्य सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों जैसी प्रतिष्ठित अकादमियों के लिए छात्रों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगे कहा, सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़ाकर नरेंद्र मोदी सरकार राष्ट्र की सेवा के लिए प्रतिबद्ध, सुप्रशिक्षित युवाओं की एक मजबूत और निरंतर आपूर्ति में निवेश कर रही है।
बलबीर राम रतन ने आगे इस बात पर जोर दिया कि इस कदम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित होगी, विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि निजी संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों और राज्य सरकारों के सहयोग से इन विद्यालयों की स्थापना से हजारों युवा उम्मीदवारों के लिए नए रास्ते खुलेंगे जिन्हें पहले ऐसे अवसर नहीं मिल पाते थे।
इस पहल को समग्र विकास की दिशा में एक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि सैनिक विद्यालय न केवल शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हैं, बल्कि छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व, देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। ये संस्थान चरित्र निर्माण करते हैं और युवाओं को न केवल रक्षा सेवाओं के लिए बल्कि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए भी तैयार करते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता