कुलगाम में 100 दिवसीय गहन नशा मुक्त अभियान का शुभारंभ
कुलगाम, 11 अप्रैल (हि.स.)।
नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय गहन अभियान का आज कुलगाम में नशा मुक्ति के खिलाफ जागरूकता गतिविधियों की एक श्रृंखला के साथ शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य नशाखोरी से लड़ना और एक स्वस्थ, नशामुक्त समाज को बढ़ावा देना है।
अभियान का शुभारंभ कुलगाम के उपायुक्त शहजाद आलम और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनायत अली चौधरी ने किया।
इस अवसर पर वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने नशा से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने की शपथ ली।
मिनी सचिवालय से डीपीएल कुलगाम तक एक पदयात्रा का भी आयोजन किया गया।
डीपीएल कुलगाम में कार्यक्रम के अंतर्गत एक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया।
मिनी सचिवालय के सम्मेलन कक्ष में एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों, सामुदायिक नेताओं और युवाओं सहित सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने लोगों विशेष रूप से युवाओं से अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और उन्हें युवाओं के लिए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से बनाई गई विभिन्न सरकारी रोजगार और आजीविका योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने आगे कहा कि मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर काबू पाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और सामुदायिक सहयोग आवश्यक हैं और उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधीक्षक ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मादक पदार्थों का दुरुपयोग समाज को प्रभावित करने वाला एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि 100 दिवसीय अभियान का उद्देश्य इस खतरे को रोकने के लिए जागरूकता और प्रवर्तन प्रयासों को मजबूत करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मादक पदार्थों के नेटवर्क को नष्ट करने में सामुदायिक भागीदारी महत्वपूर्ण है और लोगों से मादक पदार्थों के तस्करों के बारे में जानकारी देने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ितों को पुनर्वास के माध्यम से सहायता प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त अल्ताफ अहमद खान ने इस अवसर पर बोलते हुए लोगों से नशे को ना कहें और जीवन को हां कहें का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज में एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशाओं में लगाने की आवश्यकता पर बल दिया।
पूर्व एडीडीसी अध्यक्ष मोहम्मद अफजल ने भी इस अवसर पर संबोधित किया और समाज से नशाखोरी को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान एक विचार सम्मेलन के तहत नशाखोरी से निपटने के लिए अभिनव विचार साझा करने वाले युवाओं को उनके सुझावों के लिए पुरस्कृत किया गया।
इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, छात्रों और नागरिक समाज के सदस्यों ने भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता