हिमाचल में निर्विरोध पंचायतों को मिलेगा प्रोत्साहन, ग्राम पंचायत को 25 लाख, जिला परिषद को 1 करोड़ तक का ईनाम
शिमला, 21 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर एक नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत जो ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद अपने सभी प्रतिनिधियों को निर्विरोध चुनेंगी, उन्हें सरकार की ओर से अनुदान के रूप में पुरस्कार राशि दी जाएगी।
पंचायती राज विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार, यदि कोई ग्राम पंचायत अपने सभी सदस्यों के साथ-साथ प्रधान और उपप्रधान को निर्विरोध चुनती है, तो उसे 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसी तरह पंचायत समिति स्तर पर सभी सदस्यों के साथ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्विरोध चुने जाने पर 50 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। वहीं, जिला परिषद के सभी सदस्य, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अगर बिना मुकाबले चुने जाते हैं, तो उन्हें 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रोत्साहन राशि केवल उन्हीं पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को मिलेगी, जहां आगामी आम चुनावों में सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुने जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को सरल बनाना और आपसी सहमति को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।
पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को इस योजना की जानकारी देने और इसे आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक पंचायतें इसका लाभ उठा सकें।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में जल्द ही पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव होने हैं। राज्य में करीब 3600 पंचायतें हैं। राज्य चुनाव आयुक्त ने आज शिमला में प्रेस वार्ता के दौरान शहरी निकाय चुनाव की तारीखों की घोषणा की है। इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत चुनाव का एलान एक हफ्ते के भीतर कर दिया जाएगा। वहीं, सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य में 31 मई तक पंचायत चुनाव करवाने के निर्देश दिए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा