हिमाचल में डॉक्टरों की भर्ती का नियम बदला, पीजीआई और एम्स के डॉक्टरों को बिना परीक्षा नौकरी
शिमला, 18 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की भर्ती के लिए सरकार ने नियम बदल दिए हैं। अब चंडीगढ़ स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) और नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) करने वाले डॉक्टरों को सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू नहीं देना होगा। इन डॉक्टरों का चयन एमबीबीएस और पीजी में प्राप्त मेरिट के आधार पर किया जाएगा। राज्य सरकार ने रेजिडेंट डॉक्टर्स पॉलिसी-2025 में संशोधन कर यह नया प्रावधान जोड़ा है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 13 अक्टूबर 2026 को इसकी अधिसूचना जारी की है।
रेजिडेंट डॉक्टर्स पॉलिसी में जोड़ा नया क्लॉज
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने रेजिडेंट डॉक्टर्स पॉलिसी-2025 में क्लॉज 7.3.8 जोड़ने को मंजूरी दी है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार यह संशोधन पहले जारी नीति में आंशिक बदलाव के तहत किया गया है। रेजिडेंट डॉक्टर्स पॉलिसी पहली बार 10 अक्टूबर 2025 को अधिसूचित की गई थी। इसके बाद इसमें समय-समय पर संशोधन हुए हैं। नए प्रावधान के तहत पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स दिल्ली से पीजी पूरी करने वाले डॉक्टरों को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्ति देने का प्रावधान किया गया है। चयन के लिए उनकी एमबीबीएस और पीजी की मेरिट को आधार बनाया जाएगा। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू नहीं होंगे।
सीधी भर्ती के 33.33 प्रतिशत कोटे में मिलेगा अवसर
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह नियुक्ति व्यवस्था सीधी भर्ती के लिए निर्धारित 33.33 प्रतिशत कोटे के तहत लागू होगी। इस कोटे का उल्लेख स्वास्थ्य विभाग की 31 जनवरी 2026 की अधिसूचना में किया गया है। इसका अर्थ है कि पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स दिल्ली से पीजी करने वाले पात्र डॉक्टरों को निर्धारित कोटे के तहत मेरिट के आधार पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा। विभाग ने यह प्रावधान जनहित में लागू किया है। हालांकि, अधिसूचना में रिक्त पदों की कुल संख्या, भर्ती की समयसीमा या अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में पदों का ब्योरा नहीं दिया गया है। इसलिए यह आदेश अपने आप में सभी पात्र डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति की घोषणा नहीं है, बल्कि संबंधित रिक्त पदों पर चयन की प्रक्रिया में बदलाव है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा