हिमाचल में ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र की अनिवार्यता पर पेंशनर्स की आपत्ति, अधिसूचना वापस लेने की मांग
शिमला, 04 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति ने राज्य सरकार के वित्त विभाग की उस व्यवस्था पर आपत्ति जताई है, जिसमें पेंशनर्स के लिए जीवन प्रमाण पत्र केवल ऑनलाइन माध्यम से जमा करने का प्रावधान किया गया है। समिति का कहना है कि यह व्यवस्था अधिक उम्र और अस्वस्थ पेंशनर्स के लिए व्यावहारिक नहीं है। समिति ने सरकार से इस अधिसूचना को तुरंत वापस लेने और ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम भी पहले की तरह जारी रखने की मांग की है।
समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, उपाध्यक्ष बृज लाल ठाकुर और प्रेस सचिव लायक राम शर्मा ने शनिवार को एक बयान में कहा कि इस फैसले से प्रदेश के हजारों पेंशनर्स प्रभावित होंगे। उनका कहना है कि कई बुजुर्ग पेंशनर्स चलने-फिरने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे लोगों को केवल ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र बनवाने की व्यवस्था के कारण अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
समिति के नेताओं ने कहा कि सरकार की अधिसूचना में केवल अस्पताल में भर्ती पेंशनर्स को छूट दी गई है। उनके अनुसार बड़ी संख्या में ऐसे बुजुर्ग और बीमार पेंशनर्स भी हैं, जो अस्पताल में भर्ती नहीं हैं, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई महसूस करते हैं। उनका कहना है कि सरकार को सभी पेंशनर्स की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों व्यवस्थाएं जारी रखनी चाहिए।
संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव, वित्त सचिव और निदेशक कोषागार से मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल सरकार से अधिसूचना पर दोबारा विचार करने और पेंशनर्स को राहत देने की मांग करेगा।
समिति ने 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनर्स की वित्तीय देनदारियां जारी करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। साथ ही मुख्यमंत्री से जुलाई महीने में 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स के लिए लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और कम्यूटेशन से जुड़ी अधिसूचना जल्द जारी करने का आग्रह किया।
इसके अलावा समिति ने शिक्षा विभाग के पेंशनर्स के लंबे समय से लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान के लिए शीघ्र धनराशि जारी करने की मांग भी उठाई। समिति का कहना है कि इससे लंबित मामलों का निपटारा हो सकेगा और पेंशनर्स को राहत मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा