स्कूल की रसोई के गीले कचरे से बनेगी खाद, पिपलीवाला में वर्मीकंपोस्ट इकाई स्थापित
नाहन, 27 सितंबर (हि.स.)। स्कूल की रसोई से निकलने वाला गीला कचरा अब परेशानी के बजाय खाद बनाने में काम आएगा। कृषि विज्ञान केन्द्र-सिरमौर, धौलाकुआं ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ जागरण अभियान के तहत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (कन्या), पिपलीवाला, पांवटा साहिब में स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान विद्यालय परिसर में गीले कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल निपटान के लिए वर्मीकंपोस्ट की प्रदर्शन इकाई स्थापित की गई।
कार्यक्रम में छात्राओं के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर परिचर्चा की गई। छात्राओं ने स्वच्छता जागरण रैली निकालकर लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। वर्मीकंपोस्ट इकाई की स्थापना के अवसर पर छात्राओं, अध्यापकों और विद्यालय कर्मचारियों को इसके संचालन तथा गीले कचरे के उचित प्रबंधन की जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केन्द्र की टीम ने प्रायोगिक प्रदर्शन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया समझाई।
विद्यालय प्रबंधन लंबे समय से मिड-डे-मील रसोई से निकलने वाले गीले कचरे के कारण स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं को लेकर चिंतित था। वर्मीकंपोस्ट इकाई स्थापित होने से अब इस जैविक कचरे का उपयोग खाद बनाने में किया जा सकेगा। इससे विद्यालय परिसर को साफ रखने में मदद मिलेगी और जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
विद्यालय की प्रधानाचार्य रीना पलियाल ने कृषि विज्ञान केन्द्र-सिरमौर के जन-जागरूकता और क्षमता निर्माण अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और विद्यालय परिसर में जैविक कचरे के उचित प्रबंधन की महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
कृषि विज्ञान केन्द्र-सिरमौर धौलाकुआं की इस पहल से विद्यार्थियों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ विद्यालय स्तर पर ‘कचरे से संसाधन’ की अवधारणा को भी प्रोत्साहन मिला है।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर