शिमला शहर में धरना-प्रदर्शन और रैलियों पर दो माह तक रोक

 


शिमला, 01 जून (हि.स.)।

राजधानी शिमला में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने शहर के 10 चिन्हित स्थानों पर धरना-प्रदर्शन, रैलियां, जुलूस और सार्वजनिक बैठकों के आयोजन पर रोक लगा दी है।

जिला दंडाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने पंजाब राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1953 की धारा 6 के तहत यह आदेश जारी किए हैं।

जारी आदेशों के अनुसार छोटा शिमला से रिज और कैनेडी हाउस तक, रेंडेजवॉयस रेस्तरां से रिवोली सिनेमा तक 150 मीटर की दूरी, स्कैंडल प्वाइंट से कालीबाड़ी मंदिर तक, छोटा शिमला गुरुद्वारा से लिंक रोड छोटा शिमला-कसुम्पटी मार्ग तक, छोटा शिमला चौक से लोक भवन और ओक ओवर तक, छोटा शिमला गुरुद्वारा से सट्टी सीढ़ियों तथा कसुम्पटी सड़क की ओर जाने वाले पैदल मार्ग तक, कार्ट रोड से मजीठा हाउस लिंक रोड तक, एजी कार्यालय से कार्ट रोड तक, सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय से चौड़ा मैदान तक और उपायुक्त कार्यालय के ऊपर स्थित पुलिस गुमटी से लोअर बाजार की ओर 50 मीटर की दूरी तक प्रतिबंध लागू रहेंगे।

इन क्षेत्रों में सार्वजनिक बैठकें आयोजित करने, जुलूस और रैलियां निकालने, प्रदर्शन करने, नारेबाजी करने, बैंड बजाने तथा ऐसी वस्तुएं ले जाने पर रोक रहेगी जिन्हें अपराध की मंशा से हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सैन्य कर्मियों पर लागू नहीं होंगे। साथ ही, इन प्रतिबंधित स्थलों पर किसी भी प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

जिला दंडाधिकारी ने कहा है कि सार्वजनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता को देखते हुए यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। ये प्रतिबंध 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा