शिमला पुलिस के तीन कर्मचारी निलंबित, राजनीतिक पोस्ट और ड्यूटी के दौरान शराब पीने के आरोपों पर कार्रवाई
शिमला, 06 अगस्त (हि.स.)। शिमला पुलिस ने अनुशासन और सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन के दो अलग-अलग मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए तीन पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित कर्मचारियों में एक सब-इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल शामिल हैं। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। शिमला के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है और सेवा नियमों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से नियमों के अनुसार काम करने की अपेक्षा की जाती है।
पुलिस के अनुसार पहले मामले में एक सब-इंस्पेक्टर को पुलिस सेवा आचरण नियमों के कथित उल्लंघन के आरोप में निलंबित किया गया है। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी एक पोस्ट साझा की। पुलिस सेवा नियमों के तहत किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी को किसी राजनीतिक दल का समर्थन करने, राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने या सोशल मीडिया के माध्यम से राजनीतिक विचारों का प्रचार करने की अनुमति नहीं होती। इसी आधार पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इस मामले की विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दूसरा मामला दो कांस्टेबल से जुड़ा है। दोनों पर ड्यूटी के दौरान शराब पीने और नशे की हालत में काम करने के आरोप लगे हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों की ड्यूटी अक्सर आरोपियों को पुलिस थानों से अदालत तक ले जाने, अदालत में पेश करने और सुरक्षित रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने जैसे जिम्मेदारी वाले कार्यों में लगाई जाती थी। ऐसे महत्वपूर्ण दायित्व के दौरान शराब के नशे में होने की शिकायतों को विभाग ने गंभीरता से लिया।
जानकारी के अनुसार इन दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी थीं। शिकायतों के सत्यापन और प्रारंभिक जांच के बाद आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के साथ ही दोनों को पुलिस लाइन शिमला से संबद्ध कर दिया गया है, जहां विभागीय जांच पूरी होने तक उनकी तैनाती रहेगी।
पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों का भरोसा कायम रखने की है। ऐसे में सेवा आचरण नियमों का पालन सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता, सेवा नियमों के उल्लंघन या ड्यूटी में लापरवाही के मामलों में किसी भी कर्मचारी के साथ अलग व्यवहार नहीं किया जाएगा। विभागीय जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा