शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन के सच्चे मार्गदर्शक और राष्ट्र निर्माण का आधार : प्रो. वीर सिंह रांगड़ा

 


शिमला, 06 सितंबर (हि.स.)। शिक्षक केवल ज्ञान देने का काम नहीं करते, वे विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। शिक्षक संस्कारवान, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह बात हिमाचल प्रांत के संघचालक प्रो. डॉ. वीर सिंह रांगड़ा ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिमला में हिन्द एजुकेशन संस्था की ओर से आयोजित समारोह में कही।

इस समारोह में प्रो. डॉ. वीर सिंह रांगड़ा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में संजय सूद मुख्य अतिथि और स्वामी रामरूपानंद विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में 400 से अधिक विद्यार्थी और अभिभावक शामिल हुए।

प्रो. डॉ. रांगड़ा ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने के साथ उनके व्यक्तित्व और जीवन को सही दिशा देने का काम करते हैं। उनके मार्गदर्शन और संस्कारों से विद्यार्थी जिम्मेदार नागरिक बनते हैं और आगे चलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों का सम्मान करने और उनके मार्गदर्शन को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

हिन्द एजुकेशन के अध्यक्ष अनुज पन्त ने अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का स्वागत किया तथा शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

मुख्य अतिथि संजय सूद और विशिष्ट अतिथि स्वामी रामरूपानंद ने भी शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने विचार रखे। उन्होंने हिन्द एजुकेशन की ओर से शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। हिमाचली लोकनृत्य नाटी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों पर मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में शिक्षा के साथ हिमाचली संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा