पेंशनर्स ने बैठक में बनाई सरकार के खिलाफ रणनीति

 


धर्मशाला, 16 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक व आमसभा का आयोजन मंगलवार को धर्मशाला में जिला अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। बैठक में जिला कांगड़ा के सभी ब्लाकों व शहरी इकाईयों के प्रधान उनकी कार्यकारिणियों व पेंशनरों ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने अपने वक्तव्य में चिर लंबित देनदारियों पर चर्चा की और उम्मीद जताई कि हमें 31 जुलाई, 2026 तक इंतजार करना चाहिए, क्योंकि मुख्यमंत्री द्वारा 13 मई, 2026 को उनके सचिवालय के कार्यालय में हुई बैठक में आश्वासन दिया था और उसके बाद साफ किया कि पेंशनरों की लंबे समय से रूके देय वित्तीय लाभ का भुगतान जुलाई माह में कर दिया जाएगा।

इस दौरान यह भी तय किया गया यदि सरकार ने कोई वादा खिलाफी की तो हिमाचल प्रदेश के पेंशनर्स पुनः संघर्ष की राह पर होंगे और पहले से भी अधिक उग्र प्रदर्शन करने व रैलियां निकाली जाएंगी। पेंशनरों की मांगों में पहली जनवरी, 2016 से 31 जनवरी, 2022 तक सेवानिवृत्त पेंशनरों को संशोधित ग्रैच्युटी, कम्यूटेशन व लीव इनकैशमेंट, 15 प्रतिशत महंगाई राहत भत्ता और शेष राशि एरियर के रूप में, पहली जनवरी, 2016 से छठे वेतन आयोग द्वारा संशोधित वेतनमान की शेष राशि की अदायगी और हिमाचल पथ परिवहन के पेंशनरों को हर महीने दस तारीख से पहले पेंशन की अदायगी करना, छट्टे वेतन आयोग के संशोधित वेतनमान की पहली किस्त 50 हजार रुपये की अदायगी और तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते की अदायगी, कार्पोरेट सेक्टर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन देने बारे फैसला लिया जाए, बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को ओपीएस दी जाए साथ ही पुलिस विभाग के पेंशनरों को कैशलैस मेडिकल सुविधा प्रदान किया जाना शामिल हैं।

बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि मुख्यमंत्री से अपील की जाए कि 13 मई, 2026 को जो निर्णय संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में लिए गए थे उनकी अधिसूचना तुरंत जारी की जाए वरना 31 जुलाई 2026 के बाद संयुक्त संघर्ष समिति की प्रदेश बैठक बुलाकर अगले आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया