पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में आर प्रोग्रामिंग पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित
धर्मशाला, 06 जुलाई (हि.स.)। चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सहयोग से कृषि विज्ञानों हेतु आर प्रोग्रामिंग विषय पर दो दिवसीय एएनआरएफ प्रायोजित कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) के पार्टनरशिप्स फॉर एक्सेलरेटेड इनोवेशन एंड रिसर्च (पेयर) कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई। इसका उद्देश्य कृषि शोधकर्ताओं की संगणकीय एवं आंकड़ा विश्लेषण संबंधी दक्षताओं को मुक्त स्रोत सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर आर के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर सुदृढ़ बनाना था।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं एएनआरएफ–पेयर परियोजना के परियोजना समन्वयक प्रो. राज किशोर शर्मा मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने आधुनिक कृषि अनुसंधान में डेटा विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा सांख्यिकीय प्रोग्रामिंग के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शोध आंकड़ों के विश्लेषण तथा सतत कृषि के लिए साक्ष्य-आधारित समाधान विकसित करने में आर एक अत्यंत प्रभावी एवं अनिवार्य उपकरण बन चुका है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक प्रो. देश राज चौधरी ने कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में विद्यार्थियों के लिए अधिकाधिक छात्र-केंद्रित कार्यशालाओं के आयोजन पर बल देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवा शोधार्थियों को नवीन वैज्ञानिक ज्ञान तथा व्यावहारिक अनुसंधान कौशल से समृद्ध करते हैं। कॉलेज ऑफ बेसिक साइंसेज के अधिष्ठाता प्रो. राजन कटोच ने कृषि के आधुनिकीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को एआई आधारित उपकरणों एवं अनुप्रयोगों से परिचित कराने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
इस कार्यशाला में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों सहित 65 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आर प्रोग्रामिंग के माध्यम से सांख्यिकीय विश्लेषण, आलेखीय प्रस्तुतीकरण (ग्राफिकल विज़ुअलाइज़ेशन) तथा कृषि आँकड़ों के विश्लेषण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया