न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में प्राथमिक शिक्षक संघ की पदयात्रा शिमला पहुंची, 26 जुलाई को होगा प्रदर्शन

 

शिमला, 24 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में निकाली जा रही पदयात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। 11 जुलाई को कांगड़ा जिले के बनखंडी से शुरू हुई यह पदयात्रा शिमला पहुंच गई है। पदयात्रा का समापन 26 जुलाई को होगा। इसी दिन शिक्षक संघ की ओर से शिमला में विशाल धरना-प्रदर्शन और रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल होंगे।

हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम लागू होने से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि सरकार को स्कूलों की मौजूदा समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली हैं और प्राथमिक स्कूलों में स्टाफ की कमी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जेबीटी शिक्षकों की लंबित पदोन्नति का मामला भी लंबे समय से अटका हुआ है, जिसे जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

रमेश शर्मा ने आरोप लगाया कि कई सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि जब स्कूलों में शिक्षकों की कमी रहती है तो पढ़ाई प्रभावित होती है। इसके बाद कई अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में करा देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों की संख्या कम होने के बाद ऐसे स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। उनका कहना है कि इस स्थिति का सीधा असर सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है।

प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा है कि इन सभी मुद्दों को लेकर 26 जुलाई को शिमला में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और रैली आयोजित की जाएगी। संघ का कहना है कि पदयात्रा के माध्यम से प्रदेश भर के शिक्षकों की चिंताओं और मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। अब संगठन को उम्मीद है कि सरकार न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम, रिक्त पदों को भरने, जेबीटी शिक्षकों की पदोन्नति और सरकारी स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा