नड्डी में बनेगी एशिया की सबसे बड़ी जिपलाइन, 37 फीसदी बढ़ा ट्रांसपोर्ट विभाग का राजस्व : उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री

 


शिमला, 20 जनवरी (हि.स.)। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धर्मशाला के नड्डी क्षेत्र में एशिया की सबसे बड़ी जिपलाइन परियोजना तैयार की जा रही है। यह करीब 4.2 किलोमीटर लंबी होगी और पूरी तरह ग्रीन प्रोजेक्ट के रूप में विकसित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना में किसी भी प्रकार का पेड़ कटान नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने यह जानकारी मंगलवार को शिमला में आयोजित राज्य परिवहन विकास एवं सड़क सुरक्षा परिषद की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य के परिवहन विभाग ने अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। विभाग के राजस्व में पूर्व सरकार की तुलना में 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में परिवहन विभाग ने अब तक लगभग 2600 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जबकि पिछली सरकार के समय यह आंकड़ा करीब 1500 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने और आम लोगों को सुविधा देने के लिए सेवाओं का तेजी से डिजिटलीकरण किया जा रहा है। आने वाले समय में गुड्स कैरिज परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य कई सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन होंगी, जिससे लोगों को आरटीओ और अन्य कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मोबाइल फिटनेस सुविधा के माध्यम से वाहनों की फिटनेस जांच और अप्रूवल भी ऑनलाइन किया जाएगा।

शिमला रोपवे परियोजना पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना अपनी तय समय सीमा से चार से पांच साल पीछे चल रही है। लागत में बढ़ोतरी के कारण इस परियोजना को राय के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है, क्योंकि कुल लागत का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार को वहन करना है। उन्होंने कहा कि सरकार इस परियोजना को लेकर सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रही है।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि वाहनों की जांच आधुनिक और पारदर्शी तरीके से हो सके। निजी क्षेत्र में कांगड़ा, सिरमौर और मंडी में एटीएस बनाए जा रहे हैं, जबकि हरोली और नादौन में सरकारी एटीएस स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्क्रैपिंग पॉलिसी को भी तेजी से लागू किया जा रहा है। सोलन और हमीरपुर में दो स्क्रैपिंग सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं और अब तक 1692 पुराने वाहनों को स्क्रैप किया गया है। इससे प्रदूषण कम करने और सड़कों पर सुरक्षित वाहन चलाने में मदद मिलेगी।

ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार राजीव गांधी ई-टैक्सी योजना के तहत 50 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। पुरानी टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदलने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। पहले चरण में 1000 पुरानी टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 390 ई-बसों की खरीद पर 30 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। ई-टैक्सी के लिए आवेदन 15 जनवरी से 4 फरवरी तक और ई-बस के लिए 8 फरवरी तक स्वीकार किए जाएंगे।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर ई-चालान प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। प्रदेश में करीब 600 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें सुरक्षित बनाने का काम जारी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल केवल चार प्रतिशत क्षेत्रों में क्रैश बैरियर लगे हैं और बाकी स्थानों पर जल्द काम किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में 129 स्थानों पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए जगह चिन्हित की जा चुकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा