धरती पर बोझ हैं तो इस्तीफा दें कंगना, मंडी के लोग पछता रहे : मंत्री जगत सिंह नेगी

 

शिमला, 09 अक्टूबर (हि.स.)। मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत के हिमाचल प्रदेश सरकार को लेकर दिए गए बयान पर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शिमला में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में नेगी ने कंगना पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश उनके लिए बोझ है तो उन्हें सांसद पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि धरती पर बोझ तो कंगना रनौत हैं और मंडी के लोग अब पछता रहे हैं। नेगी ने यह भी आरोप लगाया कि कंगना के बयान के पीछे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश हो सकते हैं।

मंत्री ने सवाल उठाया कि अगर हिमाचल प्रदेश बोझ है तो कंगना रनौत यहां से सांसद क्यों बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें प्रदेश के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। हालांकि, नेगी ने कंगना के उस बयान का विस्तृत संदर्भ नहीं बताया, जिस पर उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी।

वीरभद्र सिंह को किसी पद की जरूरत नहीं

रोहड़ू में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अनदेखी से जुड़े सवाल पर जगत सिंह नेगी ने कहा कि वीरभद्र सिंह को किसी पद की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए कई काम किए। नेगी ने कहा कि प्रदेश के विकास में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार और वीरभद्र सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके अनुसार राज्य के विकास में दोनों नेताओं के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

एसआईआर के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना

मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं को रोके जाने को नेगी ने अघोषित इमरजेंसी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार ने दिल्ली को छावनी में बदल दिया है। नेगी के मुताबिक वहां केंद्रीय पुलिस बलों के साथ सेना को भी तैनात किया गया है। उन्होंने दावा किया कि सीजेपी और युवाओं के विरोध से घबराकर ऐसी कार्रवाई की गई है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने बातचीत के दौरान कोई विस्तृत प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

नेगी ने आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिए पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनाव जीते गए। उन्होंने भाजपा पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का अमृत काल संविधान को मृत करने में लगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर देश में ऐसे ही हालात बने रहे तो राष्ट्रीय एकता पर असर पड़ सकता है और देश की एकता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा