जगत सिंह नेगी ने पीसीडीओ व शिवा क्लस्टर इकाई डूंगीसेर का किया निरीक्षण

 


नाहन, 27 फ़रवरी (हि.स.)। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं लोक शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी जिला सिरमौर के प्रवास कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को तहसील ददाहू में आयोजित राजस्व लोक अदालत में विशेष रूप से शामिल हुए। इसके उपरांत उन्होंने शिरूमाईला में फल पौध एवं प्रदर्शन केंद्र (पीसीडीओ) और एचपी शिवा क्लस्टर इकाई डूंगीसेर का निरीक्षण भी किया। राजस्व मंत्री ने लोक अदालत में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की भूमि विवाद, इंतकाल, तकसीम, निशानदेही और राजस्व रिकॉर्ड सुधार मामलों संबंधी जानकारी ली तथा उन्होंने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालत प्रदेश सरकार की एक विशेष और जन-हितैषी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को राजस्व से जुड़े भूमि संबंधी मामलों का त्वरित, सरल और सुलह-आधारित समाधान प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालत को पारंपरिक राजस्व अदालतों की तुलना में कम खर्चीला, कम औपचारिक और जल्दी निपटान वाला मंच बनाया गया है ताकि आम लोगों के लंबित विवादों का जल्द समाधान हो सके। उन्होंने फल पौध एवं प्रदर्शन केंद्र शिरूमाईला के निरीक्षण दौरान विभाग द्वारा लोगों के प्रदर्शन हेतु लगाए गए विभिन्न प्रजातियों के पोधों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को मौसम आधारित फलदार पोधे लगाने के लिए कहा ताकि उन प्रजातियों से प्रेरित होकर क्षेत्र के बागवान अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ बना सकें।

उन्होंने कहा कि एचपी-शिवा परियोजना के तहत पौधारोपण, उच्च-घनत्व बागवानी तकनीकों, सुनिश्चित सिंचाई सुविधाओं, सौर बाड़बंदी, पैक-हाउस एवं फल प्रोसेसिंग यूनिट समेत उत्पाद को बाजार तक पहुंच का प्रावधान किया गया है। इन सभी का उद्देश्य उत्पादन, गुणवत्ता और बाजार मूल्य को एक साथ जोड़ना है, जिससे किसानों को पूर्ण आर्थिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन से हिमाचल प्रदेश के बागवानी व्यवसाय तथा कृषि-उत्पादन को नई दिशा मिलेगी और देश भर के बाजार में प्रदेश के उत्पादों की पहचान बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के बागवानों को सिंचाई और फल उत्पादन के मूल्य-संयोजन के माध्यम से कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार सृजन करने और ग्रामीण समुदायों की आजीविका में दीर्घकालिक सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर