जंगल बचाने को ग्रामीणों ने किया सड़क निर्माण का जोरदार विरोध, एसडीएम पांवटा को दिया ज्ञापन

 

नाहन, 30 मार्च (हि.स.)। पांवटा साहिब क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर प्रस्तावित सड़क निर्माण को लेकर अब विवाद गहरा गया है। ग्राम पंचायत अंजोली सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने उपमंडलीय दंडाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपते हुए इस योजना का कड़ा विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि जम्बू खाला के जंगल में वर्षों से घुमंतू गुजरों की बस्ती रह रही है, जो अब स्थायी रूप से वन भूमि पर मकान बनाकर बस गई है। आरोप है कि उन्होंने जंगल के बीचों-बीच दीवारें खड़ी कर दी हैं और टीन शेड डाल लिए हैं।

शिकायत में यह भी सामने आया कि वन विभाग की ओर से प्रस्तावित सड़क के लिए कई पेड़ों को चिन्हित किया गया है, जबकि पहले से ही गांव मगलांवाला से जम्बू खाला तक एक कच्ची सड़क मौजूद है, जिस पर पहले ही सोलिंग का कार्य हो चुका है। ग्रामीणों का तर्क है कि नई सड़क बनाने से सैकड़ों साल पुराने साल के पेड़ों की कटाई होगी, जो पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इसी जंगल में स्थित पौराणिक गुरु गोरखनाथ मंदिर तक हर साल हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, और मौजूदा मार्ग उनके लिए पर्याप्त है। ऐसे में नई सड़क की कोई आवश्यकता नहीं है।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि “किसी भी कीमत पर जंगल और पुराने पेड़ों की बलि नहीं होने देंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर