चूड़धार में शिरगुल महाराज मंदिर के कपाट खुले, भारी बर्फ के बीच श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
नाहन, 14 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में प्रसिद्ध आस्था स्थल चूड़धार स्थित शिरगुल महाराज मंदिर के कपाट करीब साढ़े चार महीने बाद मंगलवार को संक्रांति के पावन अवसर पर विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। कपाट खुलते ही मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना शुरू हो गई है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी आम श्रद्धालुओं की आवाजाही को पूरी तरह अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद कई श्रद्धालु कठिन हालातों को पार करते हुए दर्शन के लिए चूड़धार पहुंच गए।
करीब 11,965 फीट की ऊंचाई पर स्थित चूड़धार क्षेत्र में अभी भी भारी बर्फ जमी हुई है। इसके बावजूद 100 से अधिक श्रद्धालु बर्फ से ढके दुर्गम रास्तों को पार कर भगवान शिरगुल महाराज के दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी आस्था का परिचय दिया, हालांकि यात्रा के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।
मौजूदा समय में चूड़धार में ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। चूड़ेश्वर सेवा समिति की सराय अभी बंद है और लंगर सेवा भी शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में कई श्रद्धालुओं को सीमित संसाधनों के सहारे ही रात गुजारनी पड़ी।
इसके अलावा चूड़धार में पेयजल संकट भी बना हुआ है। बर्फबारी के कारण प्राकृतिक जल स्रोत जम गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को बर्फ पिघलाकर पानी पीने और भोजन तैयार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। नौहराधार से चूड़धार जाने वाले मार्ग पर तीन से चार फीट तक बर्फ जमी हुई है। रास्ते में फिसलन होने के साथ-साथ रास्ता भटकने का खतरा भी बना हुआ है। हर साल इस मार्ग पर कुछ श्रद्धालु रास्ता भटक जाते हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने बताया कि चूड़धार चोटी पर अभी भी तीन से चार फीट तक बर्फ जमी हुई है और कई रास्ते पूरी तरह बंद हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौजूदा हालातों को देखते हुए फिलहाल चूड़धार यात्रा का जोखिम न उठाएं और परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर