प्रधानमंत्री मोदी ने योग को वैश्विक जन आंदोलन बनाया : जयराम ठाकुर

 


शिमला, 21 जून (हि.स.)। शिमला के रिज मैदान पर रविवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्यपाल कविंद्र गुप्ता और अन्य लोगों के साथ योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि योग भारत की हजारों वर्ष पुरानी विरासत है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक पहचान मिली है।

मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि आज योग केवल व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि योग भारत का ऐसा उपहार है जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है और अब यह मानव कल्याण का प्रभावी माध्यम बन गया है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को केवल शरीर को स्वस्थ रखने की पद्धति के रूप में नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के संतुलन के रूप में दुनिया के सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि आज 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना चुके हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को 177 देशों का समर्थन मिला और कुछ ही महीनों के भीतर 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया। इसके बाद 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में योग 21वीं सदी के वैश्विक वेलनेस आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आयुष क्षेत्र को मजबूत करने के साथ योग के अध्ययन, प्रशिक्षण और प्रमाणन के लिए भी संस्थागत ढांचे विकसित किए हैं। उनके अनुसार योग बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवन जीने का सरल और प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर से लोग योग और वेलनेस से जुड़ने के लिए भारत आ रहे हैं। इससे देश में वेलनेस पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि योग दिवस केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने योग को जन आंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और भारत की यह प्राचीन परंपरा आज पूरी दुनिया को प्रेरित कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा