महिला आरक्षण को रोकना लोकतंत्र के लिए काला दिन : डॉ. सिकंदर कुमार

 


शिमला, 19 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता डॉक्टर सिकंदर कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन का स्वागत करते हुए कहा कि संसद में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को रोकना लोकतंत्र के लिए काला दिन था और नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करना सरकार का स्पष्ट संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन देश की नारी शक्ति को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में सरकार की गंभीरता को दर्शाता है और यह हर उस महिला के लिए उम्मीद की किरण है, जो नीति-निर्माण में अपनी भागीदारी चाहती है।

डॉ. सिकंदर कुमार ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में संविधान के 131वें संशोधन विधेयक और महिला आरक्षण के मुद्दे पर जो स्पष्ट रुख रखा, उससे यह साफ हो गया है कि केंद्र सरकार महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को बराबरी का अवसर देना और उनकी भागीदारी बढ़ाना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष ने एकजुट होकर महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को पारित होने से रोकने का काम किया, जो महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की महिलाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है।

डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि भले ही सदन में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा कुछ मतों से पूरा नहीं हो पाया, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की महिलाएं सरकार के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश की जागरूक महिलाएं इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही हैं और आने वाले समय में इसका असर जरूर दिखाई देगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि बाधाएं चाहे जितनी भी आएं, महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे और सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा