महिला आरक्षण पर गुमराह कर रही केंद्र सरकार, चलाएंगे पोस्टकार्ड अभियान : महिला कांग्रेस
शिमला, 25 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश में महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। हिमाचल प्रदेश महिला कांग्रेस ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह महिला आरक्षण के नाम पर देश की महिलाओं को गुमराह कर रही है। महिला कांग्रेस ने इसके विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 लाख पोस्टकार्ड भेजने का अभियान शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें 543 लोकसभा सीटों के आधार पर 33 फीसदी आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग की जाएगी।
शिमला में शनिवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में हिमाचल महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कहा कि भाजपा ने महिला आरक्षण बिल पास जरूर किया, लेकिन उसे जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़कर लागू करने में देरी की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे यह बिल लंबे समय तक टल सकता है, जो महिलाओं के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि अगर केंद्र सरकार की मंशा सही है, तो मौजूदा लोकसभा की 543 सीटों के आधार पर ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया जाना चाहिए।
जैनब चंदेल ने कहा कि जनगणना और परिसीमन के नाम पर इस कानून को 2029 या उससे आगे तक टालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार महिलाओं के हितों की बात करती है, तो फिर इस फैसले को लागू करने में देरी क्यों हो रही है। उनका कहना था कि अगर सरकार गंभीर है, तो आगामी लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए।
महिला कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बड़े-बड़े वादों के बावजूद महिलाओं को उनका अधिकार देने के मामले में सरकार पीछे हट रही है। जैनब चंदेल ने इसे चुनावी मुद्दा बताते हुए कहा कि बीजेपी नहीं चाहती कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़े।
इसके साथ ही कांग्रेस ने अपने पुराने रिकॉर्ड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण कांग्रेस सरकार के दौरान दिया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 फीसदी किया गया। महिला कांग्रेस का कहना है कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के मामले में कांग्रेस की नीतियां हमेशा स्पष्ट रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा