राज्यपाल के पास पहुंचा अस्पताल में महिला की मौत का मामला, परिजनों ने मांगी निष्पक्ष जांच
शिमला, 04 जून (हि.स.)। सोलन जिले के अर्की नागरिक अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत का मामला अब राज्यपाल तक पहुंच गया है। मृतका के परिजनों ने गुरुवार को राज्यपाल से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है।
मृतका की पहचान 41 वर्षीय सीमा शर्मा के रूप में हुई है। परिजनों का कहना है कि सीमा शर्मा को 12 मिलीमीटर की पथरी की शिकायत थी।
परिवार के अनुसार डॉक्टरों की सलाह पर उनका ऑपरेशन करवाया गया था और उन्हें उम्मीद थी कि यह एक सामान्य प्रक्रिया होगी, जिसके बाद वह स्वस्थ होकर घर लौट आएंगी।
परिजनों ने राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि ऑपरेशन के बाद सीमा शर्मा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनका कहना है कि अस्पताल की ओर से उन्हें मरीज की स्थिति और अस्पताल में हुई घटनाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
परिवार के मुताबिक बाद में सीमा शर्मा को 108 एम्बुलेंस के जरिए इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान उन्हें न तो विस्तृत मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध कराया गया और न ही यह बताया गया कि मरीज की हालत कितनी गंभीर है।
मृतका के पति हंस राज शर्मा का कहना है कि जब परिवार आईजीएमसी पहुंचा तो उन्हें सीमा शर्मा की मौत की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि आज तक उन्हें यह नहीं बताया गया कि ऑपरेशन के दौरान या उसके बाद ऐसा क्या हुआ, जिसकी वजह से उनकी पत्नी की जान चली गई।
परिजनों का यह भी आरोप है कि बाद में उनसे पोस्टमार्टम न करवाने संबंधी एक लिखित बयान लिया गया। उनका कहना है कि उस समय परिवार गहरे सदमे में था और हालात को समझने की स्थिति में नहीं था।
परिवार ने यह दावा भी किया है कि अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें सीमा शर्मा की पीठ पर नीले निशान दिखाई दिए, जिससे उनके संदेह और बढ़ गए।
परिजनों ने सवाल उठाया है कि ऑपरेशन, उपचार और मरीज को रेफर किए जाने की पूरी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज उन्हें उपलब्ध क्यों नहीं कराए गए। उन्होंने यह भी पूछा है कि सीमा शर्मा को किस स्थिति में आईजीएमसी भेजा गया था और उपचार के दौरान कौन-कौन से चिकित्सकीय कदम उठाए गए थे।
ज्ञापन में परिवार ने मांग की है कि मामले की जांच स्वतंत्र विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम से करवाई जाए। साथ ही उन्होंने कहा है कि जांच समिति में अर्की और सोलन के स्थानीय चिकित्सकों को शामिल न किया जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे।
परिजनों ने ऑपरेशन, उपचार और रेफरल से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने तथा जांच में यदि किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा