हिमाचल में विधवाओं के बच्चों को 27 साल तक हर माह एक हज़ार रुपये देगी सुक्खू सरकार
शिमला, 21 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में विधवा और एकल महिलाओं के बच्चों को अब 27 वर्ष की आयु तक हर महीने एक हज़ार रुपये की पॉकेट मनी मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 19 से 27 वर्ष की आयु के बच्चों को भी यह राशि देने के निर्देश दिए। अभी इस योजना में विधवा एवं एकल महिलाओं के 18 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों को एक हज़ार रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विभाग को सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की सभी योजनाओं के लिए एक एकीकृत पोर्टल विकसित करने को कहा। इससे लाभार्थियों को अलग-अलग योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ लेने की प्रक्रिया एक ही स्थान पर मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत प्रदेश में वर्तमान में 21,292 लाभार्थियों को लाभ दिया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष के लिए इस योजना के तहत 40.29 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना के तहत राज्य सरकार विधवा एवं एकल महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी बच्चा आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी विद्यार्थी की उच्च शिक्षा में बाधा न बने।
मुख्यमंत्री ने विभाग को इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के लाभार्थियों और ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के 50-50 मेधावी विद्यार्थियों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की तैयारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के संसाधनों और समृद्धि का लाभ समाज के वंचित वर्गों तक भी पहुंचना चाहिए और उन्हें उनका अधिकार मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में प्रस्तावित इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस योजना के तहत प्रदेश के 11 जिलों में पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नौ बाल देखभाल केंद्रों और संस्थानों के निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले के लुथान में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय ग्राम परिसर के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से इस परियोजना को मई 2027 तक पूरा करने को कहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा