शिमला में माकपा का प्रदर्शन, ईरान पर अमेरिकी-इज़राइली हमले की निंदा

 


शिमला, 05 मार्च (हि.स.)। राजधानी शिमला में गुरूवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं ने ईरान पर कथित अमेरिकी-इज़राइली हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पार्टी की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर आयोजित किया गया। पार्टी नेताओं ने इसे ईरान की संप्रभुता पर हमला बताते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करार दिया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीपीआई(एम) राज्य सचिवालय सदस्य राकेश सिंहा, जिला कमेटी सदस्य अमित और विवेक कश्यप ने कहा कि अमेरिका और इज़राइल की ओर से किया गया यह हमला साम्राज्यवादी नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि किसी भी संप्रभु देश पर इस तरह की कार्रवाई वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा है। वक्ताओं ने कहा कि पश्चिम एशिया को लगातार युद्ध और अस्थिरता की ओर धकेला जा रहा है और इसका सबसे ज्यादा असर आम जनता और मेहनतकश वर्ग पर पड़ता है।

वक्ताओं ने कहा कि ईरान के खिलाफ हमला सिर्फ एक देश पर आक्रमण नहीं है, पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए खतरा है। उनका कहना था कि यदि क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। भारत जैसे देश, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं, उस पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

सीपीआई(एम) नेताओं ने भारत सरकार से मांग की कि वह इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाए और अमेरिकी-इज़राइली कार्रवाई की खुलकर निंदा करे। साथ ही उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में काम कर रहे करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

पार्टी नेताओं ने दुनिया भर के मेहनतकश लोगों से अपील की कि वे शांति, संप्रभुता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों और युद्ध की राजनीति का विरोध करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा