शिमला : आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए प्रति योजना मिलेंगे दो लाख रुपये

 


शिमला, 05 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में बारिश और आपदा से प्रभावित पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए प्रति योजना दो लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि यह राशि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से जारी की जाएगी। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त योजनाओं के प्रस्ताव तीन दिन के भीतर सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ उपायुक्त कार्यालय भेजे जाएं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं योजनाओं को सहायता मिलेगी, जिनकी क्षति की रिपोर्ट राजस्व विभाग में दर्ज होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भविष्य में किसी भी पेयजल योजना को नुकसान होने पर संबंधित पटवारी के पास तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराई जाए और सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार रखे जाएं।

उपायुक्त जल जीवन मिशन के तहत बुधवार को आयोजित जिला स्तरीय जल एवं स्वच्छता अभियान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव मिलने के तीन दिन के भीतर बजट जारी कर दिया जाएगा, यदि सभी जरूरी दस्तावेज पूरे होंगे। बैठक में बताया गया कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 264 पेयजल योजनाओं में से 203 का काम पूरा हो चुका है। वहीं, हर घर जल गांव योजना के तहत जिले के 2,536 गांवों में से 1,699 गांवों को प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 837 गांवों की प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है।

बैठक में जल सेवा आकलन की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि जिले के 2,536 गांवों में से 2,422 गांवों में जल सेवा आकलन पूरा हो चुका है और इस तरह जिले ने 95.50 प्रतिशत प्रगति हासिल कर ली है। 13 विकास खंडों में से बसंतपुर, छोहारा, जुब्बल, कोटखाई, मशोबरा, ननखड़ी, नारकंडा, रामपुर, रोहड़ू और टुटू विकास खंडों ने 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। वहीं, चौपाल में 332 में से 278 गांवों, कुपवी में 51 में से 42 गांवों और ठियोग में 385 में से 334 गांवों में यह काम पूरा हो चुका है।

उपायुक्त ने कहा कि जिले की 413 ग्राम पंचायतों में यह अभियान चल रहा है। शेष गांवों में जल सेवा आकलन और डीटीयू आकलन पूरा होने के बाद संबंधित डीआईपी को अंतिम प्रस्तुति के लिए सक्षम किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और फील्ड टीमों को निर्देश दिए कि बचा हुआ काम तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और जिले के सभी गांवों में जल सेवा आकलन का लक्ष्य शत-प्रतिशत हासिल किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा