इंसान और मवेशी एक ही घाट पर पानी पीने को मजबूर, रेणुकाजी की छौऊ भोगर के लोगों का फूटा गुस्सा

 

नाहन, 16 मार्च (हि.स.)।

सिरमौर जिले के रेणुका विधानसभा क्षेत्र की छौऊ भोगर पंचायत में पेयजल किल्लत ने विकराल रूप धारण कर लिया है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को ग्रााणों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सिरमौर से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

ग्रामीण इंद्र सिंह और अन्य प्रतिनिधियों ने बताया कि पंचायत के लिए पेयजल योजना प्रस्तावित थी, लेकिन निर्माण कार्य समय पर शुरू न होने के कारण इसके लिए स्वीकृत फंड लैप्स हो गया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि विभागीय और प्रशासनिक लापरवाही की वजह से आज पूरे क्षेत्र को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।

इलाके में हालात इतने बदतर हैं कि ग्रामीणों और मवेशियों को एक ही जल स्रोत से पानी पीना पड़ रहा है। पानी की भारी कमी के कारण क्षेत्र में कई मवेशियों की मौत भी हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर ऐसे स्रोत का चयन किया गया जहां पानी ही पर्याप्त नहीं है, जबकि ग्रामीणों ने सरकारी भूमि पर मौजूद दूसरे बेहतर स्रोत का प्रस्ताव दिया था।

प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मांग की है कि लैप्स हुए फंड को दोबारा से जारी करने की मांग की, ताकि जल्द से जल्द पेयजल योजना का कार्य शुरू हो सके और क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके और साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संबंधित पक्ष पर कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के मकसद से ऐसे पानी के सोर्स का चयन किया गया जहां पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं है। जबकि ग्रामीणों ने अन्य पानी के स्रोत से पेयजल योजना लाने का प्रस्ताव पारित किया था जोकि सरकारी भूमि में मौजूद है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर