दृष्टि से प्रभाव तक:एएनआरएफ के सीईओ ने आईआईटी मंडी के दौरे पर

 


मंडी, 11 अप्रैल (हि.स.)। आईआईटी मंडी जो भारत के प्रमुख आईआईटी संस्थानों में से एक है, ने देश के शोध परिदृश्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की, जब डा. शिव कुमार कल्याणरामन मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन मंडी दौरे पर पहुंचे।

इस दौरे का उद्देश्य संस्थागत शोध क्षमता को सुदृढ़ करना, बहुविषयक सहयोग को बढ़ावा देना तथा एएनआरफ के शोध अनुदान एवं नवाचार कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ाना था, ताकि सार्थक एवं प्रभावी शोध परिणाम सामने आ सकें।

एएनआरफ के प्रमुख का स्वागत करते हुए प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा निदेशक आईआईटी मंडी ने कहा कि एएनआरफ की पहलें भारत में टिकाऊ शोध वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि आईआईटी मंडी बहुविषयक शोध और नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में लगातार अग्रसर है और भारत की वैश्विक शोध प्रतिष्ठा में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. शिवकुमार कल्याणरामन ने कहा, आईआईटी मंडी जैसे संस्थान भारत में शोध के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां अंतःविषय प्रयास, नवाचार और राष्ट्रीय हितों पर आधारित परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। एएनआरफ का उद्देश्य ऐसे संस्थानों को बेहतर फंडिंग, सहयोग और नवाचार के अवसर प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली बनाना है। यहां किया जा रहा कार्य भारत को वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में सहायक होगा।

अपने प्रवास के दौरान डॉ. कल्याणरामन ने संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत संवाद किया। उन्होंने शोध एवं नवाचार तंत्र को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया और एएनआरफ की भविष्य की दिशा, फंडिंग योजनाओं तथा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर अपने विचार साझा किए, ताकि मूलभूत विज्ञान एवं सामाजिक रूप से प्रासंगिक नवाचारों में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित की जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा