विश्वकर्मा योजना पर सुंदरनगर में कारीगरों के लिए क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित

 


मंडी, 24 जुलाई (हि.स.)। पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए नोडल एजेंसी उद्योग निदेशालय, हिमाचल प्रदेश तथा एमएसएमई डेवल्पमेंट एंड फैसिलिटेशन कार्यालय सोलन के संयुक्त तत्वावधान में गत दिवस सुंदरनगर में पीएम विश्वकर्मा कारीगरों के लिए एक दिवसीय क्षमता-निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई।

इस कार्यशाला में उद्यमिता विकास, मार्केट लिंकेज, डिजिटल क्षमता, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, कृत्रिम बुद्धिमता, वित्तीय साक्षरता और ई-कॉमर्स विषयों पर सारगर्भित चर्चा की गई। कार्यशाला का उद्देश्य डिजिटल अपनाने, वित्तीय समावेशन, बाजार तक पहुंच, ब्रांडिंग और व्यवसाय विकास को बढ़ावा देकर कारीगरों की उद्यमशीलता क्षमताओं को मजबूत करना रहा, ताकि वे टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी उद्यम बना सकें।

एमएसएमई डेवल्पमेंट एंड फैसिलिटेशन कार्यालय सोलन के सहायक निदेशक (ग्रेड-I) अभिषेक राय ने प्रदेश में पीएम विश्वकर्मा योजना की प्रगति और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पारंपरिक शिल्प कौशल को संरक्षित करने और साथ ही कारीगरों के लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा करने में योजना की भूमिका पर बल दिया।

उद्योग निदेशालय की राज्य स्तरीय परियोजना प्रबंधन इकाई की नताशा कटोच ने उद्यमिता विकास पर एक संवाद सत्र आयोजित किया। उन्होंने कारीगरों के लिए प्रासंगिक व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से व्यवसाय शुरू करने और प्रबंधित करने, मूल्य निर्धारण रणनीतियों, बाजार विश्लेषण, ग्राहक जुड़ाव, बिक्री तकनीकों, वित्तीय योजना और टिकाऊ व्यावसायिक विकास के मूल सिद्धांतों पर जानकारी साझा की।

अभय कुमार ने मार्केटिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, ई-कॉमर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर तथा राजसी शर्मा आरएएमपी कंसल्टेंट ने कारीगर की व्यापक बाजारों तक पहुंच और बिक्री बढ़ाने के उपायों पर प्रकाश डाला। मंडी की प्रसार अधिकारी श्वेता ने पीएम विश्वकर्मा योजना के मुख्य लाभों से अवगत करवाया। अग्रणी जिला प्रबंधक की ओर से प्रतिनिधियों ने कारीगरों को क्रेडिट लिंकेज, पीएम मुद्रा योजना इत्यादि की जानकारी दी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा