सुक्खू सरकार का चौथा बजट मात्र छलावा : वीरेंद्र कंवर

 


ऊना, 22 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026-27 के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री व कुटलैहड़ के वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर ने इसे मात्र छलावा करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत यह बजट न तो आम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा है और न ही कर्मचारियों व युवाओं के लिए कोई ठोस राहत लेकर आया है।

वीरेंद्र कंवर ने आरोप लगाया कि यह बजट पिछले तीन वर्षों की तरह ही हर वर्ग के लिए निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में केवल औपचारिक घोषणाएं की गई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस योजना नजर नहीं आती।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नाम पर फिर से आश्वासन ही मिला है। न तो नए रोजगार सृजन की स्पष्ट योजना सामने आई है और न ही स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कोई प्रभावी नीति दिखाई देती है। इससे प्रदेश का युवा वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

कंवर ने कर्मचारियों और पेंशनरों की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महंगाई के इस दौर में उन्हें राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है, जबकि कर्मचारियों की लंबित मांगें आज भी अधूरी पड़ी हैं।

पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि बजट में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किए गए हैं। सड़कों, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर कोई दूरदर्शी योजना नजर नहीं आती, जिससे प्रदेश के संतुलित विकास पर प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है।

उन्होंने सरकार की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश का खजाना खाली होने के बावजूद बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। “यह बजट केवल कागजी आंकड़ों और हवा-हवाई घोषणाओं का पुलिंदा है, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है,” उन्होंने कहा।

अंत में वीरेंद्र कंवर ने कहा कि यह बजट आम जनता, किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और व्यापारियों सभी वर्गों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में पूरी तरह विफल रहा है और प्रदेश की जनता इसे आने वाले समय में जरूर जवाब देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला