हिमाचल के पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर दो अक्टूबर को खोलेंगे सरकार के खिलाफ मोर्चा
ऊना, 13 सितंबर (हि.स.)। कुटलैहड़ में ठप पड़े विकास कार्यों और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र कंवर दो अक्टूबर को बंगाणा में उपवास करेंगे। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ की जनता के अधिकारों और क्षेत्र के सम्मान की लड़ाई को अब सड़क से लेकर सरकार तक मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कुटलैहड़ विकास के मामले में लगातार पिछड़ता जा रहा है।
रविवार को ऊना में पत्रकार वार्ता के दौरान वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कुटलैहड़ में सत्ता पक्ष के दो विधायक होने के बावजूद क्षेत्र की सड़कें, पेयजल, सिंचाई और बिजली व्यवस्था बदहाल है। वर्ष 2023 की बरसात से क्षतिग्रस्त हुई कई सड़कों और पेयजल योजनाओं की आज तक उचित मरम्मत नहीं हो पाई है। सिंचाई योजनाओं के प्रभावित होने से किसान परेशान हैं, जबकि बिजली कट और लो वोल्टेज की समस्या भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद उनके पूर्व कार्यकाल में कुटलैहड़ में खोले गए विकास के 14 संस्थानों को बंद कर दिया गया। स्कूल, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यटन से जुड़े कई कार्य भी रोक दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि नए विकास कार्य शुरू करने के बजाय पुराने कार्यों का ही उद्घाटन और श्रेय लेने की राजनीति की जा रही है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में कुटलैहड़ में करीब 250 करोड़ रुपये खर्च कर बेहतर सड़कें बनाई गई थीं, लेकिन आज मुख्य सड़कों की मरम्मत और ग्रामीण सड़कों के रखरखाव तक के लिए पर्याप्त काम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत उनके कार्यकाल में कुटलैहड़ के लिए करोड़ों रुपये की सड़क परियोजनाएं स्वीकृत करवाई गईं। पीएमजीएसवाई पार्ट-2 में करीब 30 करोड़ रुपये की सड़कें बनवाई गईं, जबकि पार्ट-3 के तहत 54 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत करवाया गया था।
वीरेंद्र कंवर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकाल में पीएमजीएसवाई पार्ट-4 के तहत कुटलैहड़ के लिए मात्र डेढ़ किलोमीटर सड़क स्वीकृत होना क्षेत्र की अनदेखी को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस योजना में कुटलैहड़ के लिए मात्र दो करोड़ रुपये ही क्यों आए और पर्याप्त डीपीआर क्यों तैयार नहीं की गईं। कांग्रेस के दोनों विधायकों पर निशाना साधते हुए कंवर ने कहा कि चुनाव के दौरान जनता को हर तीन महीने में रिपोर्ट कार्ड देने का वादा किया गया था, लेकिन अब जनता चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड मांग रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दोनों विधायक विकास के मामले में विफल साबित हुए हैं और चार वर्षों में कुटलैहड़ में दो किलोमीटर नई सड़क भी नहीं बना पाए।
उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में थानाकलां-भाखड़ा, लाठियानी-कोहडरा, बंगाणा-धनेटा और बंगाणा-शांतला सड़कों को मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (MDR) में शामिल करवाने के लिए करीब 90 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार करवाई गई थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद इन योजनाओं का उचित फॉलोअप नहीं किया गया।
वीरेंद्र कंवर ने कहा कि 2 अक्टूबर को बंगाणा में होने वाला उपवास केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कुटलैहड़ की जनता के अधिकारों और विकास की आवाज को बुलंद करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के साथ मिलकर क्षेत्र की समस्याओं को लेकर संघर्ष जारी रखेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल