चिंतपूर्णी मां के दरबार आस्था का सैलाब, नववर्ष पर भक्तों ने भरी हाजिरी

 


ऊना, 01 जनवरी (हि.स.)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी में नववर्ष मेले को लेकर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। नववर्ष के स्वागत में चिंतपूर्णी मंदिर को दुल्हन की तरह भव्य रूप से सजाया गया है। देश-विदेश से मंगवाए गए रंग-बिरंगे फूलों से सजे मंदिर की शोभा श्रद्धालुओं को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर रही है। नववर्ष के पावन अवसर पर माता रानी की पवित्र पिंडी के दर्शन के लिए दूरदराज क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और माता से सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा पर्ची सिस्टम के माध्यम से दर्शन करवाए जा रहे हैं। वहीं मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखते हुए पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।

सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। नववर्ष मेले के चलते मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रखे गए , जिससे श्रद्धालु दिन-रात माता के दर्शन कर रहे हैं।

नववर्ष के स्वागत में माता चिंतपूर्णी मंदिर को दुल्हन की तरह भव्य रूप से सजाया गया है। देश-विदेश से मंगवाए गए रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से मंदिर परिसर की अद्भुत शोभा देखते ही बन रही है। फूलों की आकर्षक सजावट और रोशनी से सजा मंदिर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर रहा है। नववर्ष के अवसर पर माता रानी की पवित्र पिंडी के दर्शन करने के लिए हिमाचल प्रदेश सहित पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने माता रानी के चरणों में शीश नवाकर नववर्ष को सुख, शांति और समृद्धि से भरपूर बनाने की मनोकामनाएं मांगी।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर न्यास द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। माता रानी के दर्शन पर्ची सिस्टम के माध्यम से करवाए जा रहे हैं ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी को असुविधा न हो। वहीं मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की पर्याप्त तैनाती की गई है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि माता चिंतपूर्णी अपने नाम के अनुरूप भक्तों की सभी चिंताएं दूर करती हैं। नए साल की शुरुआत माता रानी के चरणों में शीश नवाकर करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नई उम्मीदों का संचार होता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल