भारतीय सेना में लैफिटनेंट बनेगा ऊना का बेटा, पाया 44 वां स्थान

 


ऊना, 11 अगस्त (हि.स.)। कड़ी मेहनत,दृढ़ इच्छाशक्ति व अनुशासन के बल पर जीवन में सफलता के बड़े से बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते है। जिला ऊना के हरोली ब्लाक के तहत सलोह गांव के निवासी 23 वर्षीय नितिन जसवाल ने इसे साबित कर दिखाया है।

जिला ऊना के नितिन जसवाल ने भारतीय सेना के एसएससी टैक्रिकल कोर्स 67 की परीक्षा उतीर्ण करने में सफलता प्राप्त की है। नितिन जसवाल ने सिलेकशन सेंटर नोर्थ जालंधर में एसएसबी इंटरव्यू उतीर्ण किया। बीते रोज ही एसएससी टैक्रिकल 67 कोर्स की जारी हुई मैरिट सूची में नितिन जसवाल ने कंपयुटर साईंस ट्रेड में देश भर में 44 वां स्थान हासिल किया है। अब नितिन जसवाल ओटीए गया,बिहार में एक वर्ष के कड़े प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पुरा करने के उपरांत अगले वर्ष भारतीय सेना में लैफिटेनेंट के पद पर अपनी सेवाएं देगा।

नितिन जसवाल ने चितकारा विश्वविद्यालय राजपूरा से कंपयुटर साईंस में बीटेक की डिग्री प्राप्त की है। बचपन से उसकी रूचि भारतीय सेना में अधिकारी बनने की रही,जिसे पुरा करने के लिए वह लगातार प्रयासरत रहा तथा अंतत:वह अपने प्रयास में कामयाब रहा।

नितिन जसवाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी सेंटेनरी पब्लिक सीनीयर सकैंडरी स्कूल ऊना से की तथा यहां से 2019 में दसवीं कक्षा 82 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उतीर्ण की। उसने हिम अकैडमी हमीरपुर से 2021 में जमा दो नान मेडिकल की परीक्षा 85 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उतीर्ण की। नितिन जसवाल ने इसके उपरांत चितकारा विश्वविद्यालय राजपूरा में कंपयुटर इंजीनियरिंग ट्रेड में प्रवेश लिया तथा 2025 में बीटेक डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उसे आकर्षक पैकेज पर एलजी ग्रुप में बंगलौर में प्लेसमेंट मिल गई। लेकिन उसका लक्ष्य सेना में अधिकारी बनना था। एलजी ग्रुप में कुछ समय कार्य करने के बाद नितिन ने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए नौकरी छोड़ दी व घर आकर डिफैंस सर्विसिस के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गया। आखिरकार नितिन की मेहनत रंग लाई तथा अपनी मेहनत व लगन के बल पर उसने एक साथ भारतीय सेना के एसएससी टैक्रिकल कोर्स 67 व भारतीय नौसेना की एसएससी टैक्रिकल परीक्षा को क्रेक कर अपनी सफलता के झंडे गाड़ दिए।

नितिन ने भारतीय सेना के एसएससी टैक्रिकल कोर्स 67 की मैरिट लिस्ट में कंपयुटर साईंस टे्रड में देश भर में 44वां स्थान हासिल किया। नितिन की सफलता की कहानी यहीं नही रूकती,बल्कि उसने इसी वर्ष सीडीएस 2026 की लिखित परीक्षा भी उतीर्ण की है। जिसके लिए अगले माह तक वह एक बार फिर से एसएसबी में अपीयर होगा। इसके अलावा उसने एफकेट व कोस्ट गार्ड की परीक्षाओं को भी सफलतापूर्वक उतीर्ण किया है।

नितिन जसवाल के परदादा स्वर्गीय नसीब सिंह भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके है, जबकि उनके पिता सुनील ठाकुर भी भारतीय सेना में 20 साल की सेवा के उपरांत हवलदार पद से सेवानिृत हुए है तथा वर्तमान में हिमाचल सरकार में राजस्व विभाग में हरोली में बतौर ग्रामीण राजस्व अधिकारी तैनात है। उसकी माता रेणु ठाकुर गृहिणी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल