मुख्यमंत्री की ऊना जिले को 260 करोड़ की सौगात, बल्क ड्रग पार्क के साइट विकास कार्य और कामकाजी महिला छात्रावास का किया शिलान्यास

 


ऊना, 11 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को हरोली उपमंडल के पोलियां बीत में निर्माणाधीन राष्ट्रीय महत्व की बल्क ड्रग पार्क परियोजना के अंतर्गत 250 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले साइट विकास एवं आधारभूत संरचना कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने पंजुआना में 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले कामकाजी महिला छात्रावास की आधारशिला भी रखी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है । उन्होंने अधिकारियों को इसके कार्यों की गति को और तेज़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी 6 से आठ महीनों के भीतर यहां धरातल पर इसका कार्य स्पष्ट रूप से दिखाई दें । उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा आने वाले समय में यह क्षेत्र एक आधुनिक औद्योगिक शहर के रूप में विकसित होकर उभरेगा।

उन्होंने कहा कि दो हज़ार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह औद्योगिक परिसर देश के फार्मा क्षेत्र को नई मजबूती देगा। यह परियोजना एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स के निर्माण में भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी तथा दवाइयों के कच्चे माल के लिए बाहरी देशों पर निर्भरता कम करेगी। देशभर में केवल तीन बल्क ड्रग पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से एक हरोली में स्थापित हो रहा है। यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वयं संचालित करने का निर्णय लिया है। केंद्र और राज्य सरकार इस योजना में 1-1 हज़ार करोड़ रुपये का समान निवेश कर साझेदारी के आधार पर कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से विद्यालयों में सीबीएसई पैटर्न लागू किया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में पांचवें स्थान तक पहुंचा है, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद कर प्रदेश हितों की अनदेखी की गई है, लेकिन राज्य सरकार हिमाचल के अधिकारों और हितों की आवाज मजबूती से केंद्र के समक्ष उठाकर प्रदेश को विकास की नई दिशा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मनरेगा को बंद कर केंद्र सरकार ने गरीबों के हितों पर प्रहार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना शुरू की गई है, जिसके तहत छात्रों को मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल